August 29, 2013

कान्हा के नाम.....


कल कृष्ण जन्माष्टमी खूब धूमधाम से मनाई गई।  कान्हा के नाम कुछ हायकू मैंने लिखे हैं ,जिन्हें मैं यहाँ प्रस्तुत कर रही हूँ --- 

 कन्हा के नाम --हायकू 




-कृष्ण-लीला 

बाँवरा  कान्हा 

करे अठखेलियाँ 

बलिहारी मैं.


२-भक्ति 

कृष्णमय हो 

भवसागर तरना 

जीवन तप 

३-पाती   

पाती राधा की  

कान्हा के नाम मिली 

गोपियाँ जले 


४-दही-हांडी 

टोलियाँ सजी 

तोड़ने को   मटकी 

हर्षाये जन 

५-मुक्ति-मार्ग 

हरी का नाम 

जप सुबह-शाम 

मिलेगी मुक्ति .

६-वंशी 

कान्हा  की प्यारी 

अधरों से छूटे ना  

राधा की सौत 


७-पुकार 

रो रहा नभ 

कराह रही धरती 

कृष्ण आ जाओ !


……………अल्पना …… 


22 comments:

Kaushal Lal said...

सारगर्भित ,सुन्दर …… गोविन्द की जय बोलो गोपाल की जय.………।

Vikesh Badola said...

रो रहा नभ कराह रही धरती कान्‍हा आ जाओ ...........शब्‍दार्थ में डूब कर पढ़ा हाइकू दर्शन से ज्‍यादा लगे।

संजय भास्‍कर said...

लाजवाब हाइकू ... वो भी इतने कम शब्दों में

संजय भास्कर
शबों की मुस्कराहट

प्रवीण पाण्डेय said...

हाइकू, लगता है जेन से प्रभावित विधा है, जो भी अनावश्यक है, उसे हटा दिया जाता है, तब कहीं जाकर अर्थ निखर आता है।

Darshan jangra said...

लाजवाब हाइकू सुन्दर

हिंदी ब्लॉग समूह चर्चा-अंकः8

arvind mishra said...

कृष्ण जन्माष्टमी को अच्छा कवर किया आपने

शकुन्‍तला शर्मा said...

" हमें निहारो । कहॉ हो नटवर । हमें भी तारो ।" प्रशंसनीय प्रस्तुति ।

डॉ टी एस दराल said...

बहुत सुन्दर हाइकु।

अजय कुमार झा said...

सारे कतरे खूबसूरत हैं जी

कालीपद प्रसाद said...

सार गर्भित हाइकु
latest postएक बार फिर आ जाओ कृष्ण।

ताऊ रामपुरिया said...

जनमाष्टमी के शुभावसर पर पूरे कृष्ण को ही समेट लिया है आपने इन हाइकूज में, जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनायें.

रामराम.

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

कृष्ण की लीला
समेटी हाइकु में
मन तृप्त है ....


बहुत सुंदर

प्रतिभा सक्सेना said...

बूँद भी,
सागर भी तुम्हीं
अथाह,असीम !

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार said...



♥ जय श्री कृष्ण ♥
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♥ जय श्री कृष्ण ♥

श्री कृष्ण जन्माष्टमी की बधाइयां और शुभकामनाएं !


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रो रहा नभ
कराह रही धरती
कृष्णा आ जाओ !

कन्हैया कन्हैया तुझे आना पड़ेगा...
वचन गीता वाला निभाना पड़ेगा...

आदरणीया अल्पना जी
आनंद आ गया आपके ताज़ा हाइकु पढ़ कर
वाह ! वाऽह…! वाऽहऽऽ…!
बहुत सुंदर हाइकु रचे हैं आपने...
साधुवाद
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मंगलकामनाओं सहित...
राजेन्द्र स्वर्णकार

ज्योति सिंह said...

madhusudan ke liye jo tumne ladiyaan sajai hai wo adbhut hai ,ye to man ka shringaar kar use khoobsurat banati ,mere kanha se bada guru koi hua hi nahi wo hum sabhi ko avashya sahi disha dikhayenge ,par iske liye hame bhi sahi maarg ka chayan karna hoga .
tumse baate karna achchha lagta hai fursat me na aane karan bataungi.tum gaati bahut sundar ho ek bhajan likhkar bhej rahi hoon shayad tumhe bhi pasand aaye pyari sakhi

ज्योति सिंह said...

नैन हीन को राह दिखाओ प्रभु
पग पग ठोकर खाऊँ गिर जाऊं मैं
नैनहीन को राह दिखाओ प्रभु।

तुम्हारी नगरियाँ की कठिन डगरियाँ
चलत चलत गिर जाऊं मैं
नैनहीन को राह दिखाओ प्रभु।
चहूँ ओर मेरे घोर अँधेरा
भूल न जाऊं द्वार तेरा
एक बार प्रभु हाथ पकड़ लो
मन का दीप जलाऊं मैं प्रभु ,
नैन हीनको राह दिखाओ प्रभु।

Alpana Verma said...

@Jyoti,Bahut hii sundar bhajan likha hai.
bahut achchha lgaa tumhen yahan dekhkar.
sadaa khush raho.

Dr.Ashutosh Mishra "Ashu" said...

आदरणीया अल्पना जी ..आपका ब्लॉग बिबिध्ताओं से भरा है ..कभी सुरीले गीत, कभी दिलकश मंजर , कभी प्रकृति की अनोखी छठा , कभी देश काल से जुड़े गंभीर मुद्दों पर व्यापक चिंता तो कभी नन्हे नटखट कान्हा का जीवन अपने शानदार हायकू से ..हार्दिक बधाई .कृष्णा जन्मास्त्मी की ढेरों शुभकामनाएं

Dr.Ashutosh Mishra "Ashu" said...

आदरणीया अल्पना जी ..आपका ब्लॉग बिबिध्ताओं से भरा है ..कभी सुरीले गीत, कभी दिलकश मंजर , कभी प्रकृति की अनोखी छठा , कभी देश काल से जुड़े गंभीर मुद्दों पर व्यापक चिंता तो कभी नन्हे नटखट कान्हा का जीवन अपने शानदार हायकू से ..हार्दिक बधाई .कृष्णा जन्मास्त्मी की ढेरों शुभकामनाएं

Shashi said...

Liked small poems written so beautifully !

arvind mishra said...

अल्पना क्या अंतिम हायकू की अंतिम पंक्ति में कृष्णा के बजाय कृष्ण हो सकता है ?

Alpana Verma said...

@अरविन्द जी ,
वांछित परिवर्तन कर दिया है.
आभार.