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April 28, 2019

हिन्दी की दुर्दशा

हिन्दी की  दुर्दशा

हिंदी बेल्ट कहे जाने वाले ' उत्तर प्रदेश' में बड़ी संख्या में  परीक्षार्थी हिन्दी विषय में ही अनुत्तीर्ण हो गये।
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सच में ! 👿 आज  इस समाचार को पढ़कर मुझे क्रोध आया है !!!!!!!!
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बहुत ही चिंतनीय स्थिति है परन्तु अब अनुत्तीर्ण छात्रों की इतनी बड़ी संख्या होने पर कम से कम व्यवस्था का ध्यान इस तरफ जाएगा I

परन्तु पूरा दोष छात्रों का नहीं है इसलिए हमें छात्रों को कोसना नहीं चाहिए ,शिक्षा व्यवस्था ही ऐसी हो गयी है I बहुत-से स्कूलों में हिंदी के अध्यापक हैं ही नहीं ,अगर हैं तो पढ़ाते नहीं ...(एक छात्र का सन्देश मेरे पास आया था कि उनके हिंदी के शिक्षक उनके साथ हिंसक व्यवहार करते हैं,अब ऐसे में तो उन्हें विषय से घृणा हो ही जाएगी!)..एक सच यह है कि हिंदी विषय में रूचि जगाने के लिए अध्यापक भी प्रयास नहीं करते हैं I

दूसरे , अध्यापकों के ज्ञान और विषय में स्वयम उनकी रूचि केवल नौकरी पाने तक की है ,उनका स्तर यह है कि सिर्फ नोट्स पढ़कर ,प्रश्न-उत्तर याद कर के अध्यापक भर्ती परीक्षा पास कर लेना चाहते हैं /कर भी लेते हैं !
CTET की परीक्षा हो या NET/JRF ..आजकल उसके लिए जो बहुत -से विद्यार्थी(स्नातक परीक्षा पास) तैयारी कर रहे हैं [आप भविष्य के शिक्षक कह सकते हैं ]उनको रस /छंद /अनुस्वार /अनुनासिक तक का ज्ञान नहीं ...यहाँ तक कि वर्णमाला में कितने वर्ण हैं वह संख्या भी ठीक से बता नहीं पाते I एक सामान्य भाषा में लिखी  कहानी को समझ नहीं पाते ,अनुरोध करते हैं कि इसकी भाषा समझ नहीं आई ,समझाओ !


हिंदी की नींव छोटी कक्षाओं में ही डल जाती है ,उस स्तर पर क्या पढ़ाया जा रहा है ,कोई जानने का इच्छुक नहीं ,ऐसे कहा जाता है 'हिंदी का क्या करेंगे? कहाँ काम आएगी?
१ से २० तक की गिनती के आगे गिनती नहीं बता सकते I
सप्ताह के दिनों के हिंदी नाम नहीं जानते I
समय पूछ लो हिंदी में....वह भी नहीं बता सकेंगे I

आजकल के छात्रों में सामान्य हिंदी में व्याख्या करने की भी क्षमता नहीं मिलेगी Iअपठित गद्यांश के प्रश्नों के भी उत्तर देने की क्षमता नहीं है पद्यांश तो क्या ही हल करेंगे I
बोर्ड परीक्षा से २ दिन पहले आकर कहते हैं कि हमारी तैयारी करवा दो ,एक दिन पहले email आती है कि कुछ नहीं पढ़ा ,महत्वपूर्ण प्रश्न बता दो! २० पृष्ठों का पाठ ५ मिनट में जानना चाहते हैं ,लिखने को बहुत कुछ है लेकिन कोई लाभ नहीं ,न तो बिगड़े अध्यापक सुधरेंगे ,न छात्र !
मानसिकता में बदलाव कैसे आएगा?

हिंदी भाषा को बिगाड़ने में फिल्मों का योगदान तो भरपूर है ही,वही है उर्दू के प्रसार में सहयोगी !
हिंगलिश उर्दू मिश्रित भाषा को आज का बच्चा हिंदी मानने लगा है !

दक्षिण भारत के छात्रों को देखती हूँ वे अपनी भाषा पहले सीखते हैं और साथ हिंदी भी ..जर्मनी में उनका अपनी भाषा के प्रति प्रेम देखा , उन्हें अंग्रेजी आती होगी लेकिन बोलेंगे नहीं ,हमको विवश होकर जर्मन सीखकर उनकी भाषा में बात करनी पड़ती है I

अपनी भाषा के प्रति प्रेम पहले घर में ,फिर समाज में और उसके पश्चात् [विशेषरूप से] स्कूली शिक्षा के समय जगाना चाहिए ,विषय को रुचिकर बनाने का प्रयास करना चाहिएI

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March 18, 2019

श्रद्धांजलि !



एक सच्चा कर्मयोगी !प्रेरक  व्यक्तित्व I
अश्रुपूरित सादर श्रद्धांजलि !
जब भी स्वच्छ राजनीति और ज़मीन से जुड़े आम नागरिक के  नेताओं की बात होगी तब आपका नाम पहले याद किया जाएगा  I
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January 28, 2019

#ParikshaPeCharcha: Join PM Modi for an interactive session on making ex...

परीक्षाएँ समीप हैं , सभी छात्रों के लिए माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी परीक्षा पर चर्चा करेंगे I

'परीक्षा की बात:पी एम के साथ ' 
देखिए यह कार्यक्रम लाइव २९ जनवरी ,सुबह 11 बजे को! ' कैसे आप अपना प्रश्न भेज सकते हैं
 और प्रधानमंत्री जी की इस पहल पर आमिर खान माधवन ,प्रसून जोशी आदि के क्या विचार हैं ?
जानने के लिए देखें -:
 
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