October 25, 2011

'शुभ दीपावली '



दीप तुल्य बन जाएँ हम , हो ज्योति का विस्तार ,
हर आँगन आलोकित हो और खुशियाँ मिलें अपार.
--अल्पना वर्मा
आजकल ब्लॉग न लिख पाने के अनेकों कारण हैं जिनमें कभी समय की कमी ,कभी विचारों की, तो कभी उत्साह की, तो कभी इच्छा की कमी ही प्रमुख है.
और यही कारण ब्लॉग न पढ़ पाने [/टिप्पणियाँ न लिख पाने ]के भी हैं ....
फ़िर भी एक जुड़ाव सा तो है जो ब्लॉगजगत से जोड़े रखता है ...