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April 28, 2013

'बरखा रानी ज़रा....…'


दोपहर ३ बजे..अप्रैल ,२०१३ 
बरसात का मौसम किसे नहीं भाता?
अमीरात में पिछले दो साल से बारिश नहीं हुई थी..कुछ महीने पहले  हलकी सी  हुई थी लेकिन पिछले दो दिन से यहाँ ऊपरवाले  की ऐसी मेहरबानी है कि बादलों से ढके आसमान ने रूक- रूक कर अभी  तक बरसाना जारी रखा है।



न जाने कितने सालों बाद सूरज देवता को ऐसी लंबी छुट्टी मिली है!लगता है ही नहीं है कि अप्रैल का महीना है। ऐसा सीला -सीला  मौसम बार-बार भारत की याद दिला रहा है!
आप भी देखें इन चित्रों में हमारे इस शहर की एक झलक...


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Town center ,April,2013,8 PM
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-रिमझिम गिरे सावन...
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-3-
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-4-At Night -10PM
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-5-
.

इतनी बारिश को देखकर भी मन कहाँ भरता है ..बस यही कहता है कि 'बरखा  रानी ज़रा जम के बरसो...'

32 comments:

Vikesh Badola said...

टिप-टिप बरसा पानी

पानी ने आग लगाई

आग लगी पानी में

दिल को याद आई
.........

डॉ टी एस दराल said...

वाह ! बारिस के फोटो देखकर आनंद आ गया। अब वीडियो देखते हैं।

ARUN SATHI said...

बहुत खूब, मौसम की मेहरबानी....दो साल बाद ही सही बरखा रानी मेहरबान तो हुई।

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

रिमझिम के तराने.... धुला धुला सा समां..

प्रवीण पाण्डेय said...

वाह, वर्षा सब धो देती है।

Maheshwari kaneri said...

बारिश का अपना ही मजा है...चित्र बहुत सुन्दर हैं..

ताऊ रामपुरिया said...

बरसात का मौसम बडा आनंद दायक होता है, जहां दो साल से बरसात ना हुई हो वहां के बाशिंदों की खुशी समझी जा सकती है, चित्र बहुत ही खूबसूरत हैं. शुभकामनाएं.

रामराम.

P.N. Subramanian said...

चेन्नई में चिप चिपी गर्मी से हलाकान हैं ऐसे में बारिश की ख़बर या तसवीर चाहे कहीं की भी हो बड़ा सुकून देती है. मुझे याद है कुछ वर्षों पूर्व सऊदी अरब और अमीरात के लोग मानसून के समय सपरिवार मुंबई आते थे, केवल बारिश देखने. जिस होटल में हम ठैरे थे वहाँ एक परिवार से मुलाकात भी हो गयी थी.

P.N. Subramanian said...

चेन्नई में चिप चिपी गर्मी से हलाकान हैं ऐसे में बारिश की ख़बर या तसवीर चाहे कहीं की भी हो बड़ा सुकून देती है. मुझे याद है कुछ वर्षों पूर्व सऊदी अरब और अमीरात के लोग मानसून के समय सपरिवार मुंबई आते थे, केवल बारिश देखने. जिस होटल में हम ठैरे थे वहाँ एक परिवार से मुलाकात भी हो गयी थी.

ताऊ रामपुरिया said...

बरसात के साथ लाईटस ने एकदम इंद्रधनुषी समां बना दिया है, बहुत सुंदर विडियो.

रामराम.

सुज्ञ said...

प्यासा जाने जल की क़ीमत....
शानदार बरखा का सत्कार.
रोशनी ने भी खिलकर स्वागत किया है.

अल्पना वर्मा said...

@कुदरत का नज़ारा देखीये आज अमीरात में ३ दिनों से रुक रुक कर लगातार बारिश हो रही है.इस समय भी...ऐसा पहले कभी नहीं देखा.
यहाँ यहाँ -वहाँ पठार /पहाडियाँ हैं .हरियाली भी तो भीगा होने से बिलकुल भारत के पहाड़ी इलाके जैसा सीन हो गया है..
सउदी अरब और ओमान में कई जगह पानी भर जाने गया है...मौसम को देखते हुए एहतियातन वहाँ स्कूलों में छुट्टियाँ कर दी गयी हैं.

कालीपद प्रसाद said...


वर्षा ऋतू ही धरती को दुल्हन बनाती
डैश बोर्ड पर पाता हूँ आपकी रचना, अनुशरण कर ब्लॉग को
अनुशरण कर मेरे ब्लॉग को अनुभव करे मेरी अनुभूति को
latest postजीवन संध्या
latest post परम्परा

काजल कुमार Kajal Kumar said...

:)

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया said...

बहुत बढ़िया,चित्र मय उम्दा प्रस्तुति !!!

Recent post: तुम्हारा चेहरा ,

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल मंगलवार के "रेवडियाँ ले लो रेवडियाँ" (चर्चा मंच-1230) पर भी होगी!
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

दिगम्बर नासवा said...

सच में ... आजकल ऑफिस आने का मन नहीं करता ... हर दिन जैसे सावन बना हुआ है ...
मस्त फोटो लिए हैं आपने ...

arvind mishra said...

How soothing! ENJOY!

arvind mishra said...

Very soothing!

arvind mishra said...

सुखद आश्चर्य -झमाझम का आनंद उठाईये ! मैं तो देखकर ही तृप्त हो रहा हूँ

jyoti khare said...

बरसात में भींगने का अपना ही एक आनंद है
बहुत बढ़िया प्रस्तुति
चित्रों का सुंदर संयोजन


आग्रह है मेरे ब्लॉग में भी सम्मलित हों
कहाँ खड़ा है आज का मजदूर------?

सुमित प्रताप सिंह Sumit Pratap Singh said...

अल्पना जी
जय सिया राम!
चित्रों व वीडियो के माध्यम से बारिश का अदभुत अनुभव रहा...

सतीश सक्सेना said...

आनंद आ गया ...खूबसूरत झलकियों के लिए आभार आपका !

RAMKRISH said...

Alpana U a re fatntastic poet. apki poetry dil ko choo jaati hai

baarish ka mausam kya khoob mausam hai ..har taraf hariyaali aur tan man pulkit hio jaaye aisii chaa jaati bahaar

RAMKRISH said...

aapki poetry bahut hee umda hai ..dil ko choo jaati hai ... har roop me beautiful.. Baharon ka mausam ko ya zindagi ka roop.. har ras,har roop me, ik nayaab ehsaas aur andaaz

अमिताभ श्रीवास्तव said...

इधर अभी गर्मी है / बहुत गर्मी/ मगर आपके ब्लॉग पर यह बारिश मन को सुकून दे रही है ...

मन्टू कुमार said...

Sundar...

andcp samachar said...

बारिश की बात ही कुछ और है .. फोटोग्राफ भी बेहद आकर्षक हैं ..सादर बधाई और आमंत्रण के साथ

महेन्द्र श्रीवास्तव said...

बढिया तस्वीरें
ओके , काफी दिन बाद बारिश हुई है, फिर तो सब लोग काफी मौज कर रहे होंगे।

शुभकामनाएं

जयकृष्ण राय तुषार said...

बहुत खुबसूरत पोस्ट |

expression said...

यहाँ तो अब भी इंतज़ार है मेघों का.....

अनु

अनूप शुक्ल said...

सुन्दर। अब यहां भी बारिश का इंतजार है।