January 2, 2013

झलकियाँ

Global Village, Dubai
स्कूल की  छुट्टियाँ समाप्त  होने जा रही हैं ,हम इसलिए इन छुट्टियों के शुरू में ही  दुबई के ग्लोबल विलेज हो कर आए.हर साल की तरह वही स्टाल्स कुछ ख़ास नहीं ,बल्कि रौनक पहले से कम ही लगी.कारण भी है कि अब इस के खुले रहने की  अवधि बढ़ गई है .
वैसे भी आकर्षण के नाम पर अब यहाँ  कुछ भी विशेष नहीं लगता .
एक समय था जब भारत के चिकन के कपड़े /पश्मीना शाल /ऊनी कपड़े  /बाटिक प्रिंट /जालंधरी जूतियाँ /कांच की चूडियाँ या  डेकोरेशन के राजस्थानी सामान आदि  लेने के लिए ग्लोबल विलेज के खुलने का इंतज़ार किया करते थे .

अब तो सब कुछ ही यहाँ मिलने लगा है ,यहाँ तक की हर तरह के भारतीय मसाले और आचार आदि भी!
फिर भी जैसे हाज़िरी  लगाने जाना ही होता है  कि हम भी ग्लोबल विलेज हो कर आए!लेकिन इस बार कुछ खरीदा नहीं क्योंकि कुछ भी ऐसा नहीं लगा कि जिसे वहीँ से लिया जाना worth  हो.
मेरी पसंदीदा 'कुल्हड़ 'में बिकने वाली  मसाला  चाय भी कहीं दिखाई नहीं दी .हो सकता है कल से शुरू होने वाले  एक महीने के दुबई शोपिंग फेस्टिवल के समय अधिक रौनक हो.

सब से अधिक  भीड़ किस देश के पवेलियन में लगी होगी?अगर इस सवाल का जवाब आप आसानी से देंगे तो कोई आश्चर्य की बात नहीं है.
यूँ तो भारत के पवेलियन में भीड़ होती है लेकिन चाईना के पवेलियन से कम .चाईना के बाद अफ्रीका के पवेलियन  में खासी भीड़ देखी जा सकती है ,लकड़ी का सामान वहाँ खूब मिलता है.

चाईना पवेलियन में रेडीमेड कपड़े  /जूते/इलेक्ट्रोनिक आदि का सामान खूब बिकता है.सस्ता होता है बेशक ![हाँ ,मगर टिकाऊ नहीं  :) यह जानकर भी खरीदारी करते हैं लोग... ]

खाने-पीने के स्टाल्स भी वही हर साल की तरह पुराने ही थे.

मिस्र के पवेलियन में उनकी प्राचीन भाषा में नाम लिखवाना एक नया अनुभव था .

यहाँ -वहाँ होने वाले रंगारंग कार्यक्रम देखने का क्या इंतज़ार करते ,शाम गहराते ही ठंडी हवाओं में घूमना और खुले में रुक कर कुछ देखना मुश्किल लगा.बड़े -बड़े झूलों में रूचि नहीं है इसलिए उस तरफ जाना ही नहीं हुआ.
वहीँ बनाई कृत्रिम नन्हीं सी नहर में एक कोने से दूसरे कोने में सैर करना भी कुछ हट कर  अनुभव है.
इस बार 'हिन्दुस्तानी रिक्शे वाले अधिक दिखाई दिए जो आप को मुख्य द्वार  से आप की गाड़ी की पार्किंग तक एक तय शुल्क पर ले कर जाते हैं !
आज -कल शोपिंग फेस्टिवल देखने  आने वाले   पर्यटकों की संख्या भी काफी बढ़ गई है.
चलिये आप भी देखिए वहाँ की एक झलक इन चित्रों में ---:




15 comments:

ranjana bhatia said...

अच्छी जानकारी दी है अल्पना आपने ...चाइनीज हर जगह मौजूद है :)

दिगम्बर नासवा said...

आपने बहुत ही खूबसूरती से कवर किया है ग्लोबल विलेज को ... सच है इस बार भारत का पेवेलियन इतना अच्छा नहीं है ... हर बार की तरह मूर्तियां भी कहीं दिखाई नहीं दी ...
आप दुबई आ के निकल गयीं ... ये तो ठीक नहीं किया ... चलिए फिर कभी ही सही ...
२०१३ आपको ओर परिवार में सभी को शुभ हो ...

Madan Mohan Saxena said...

बहुत उम्दा,सुन्दर व् सार्थक प्रस्तुति
नब बर्ष (2013) की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।

मंगलमय हो आपको नब बर्ष का त्यौहार
जीवन में आती रहे पल पल नयी बहार
ईश्वर से हम कर रहे हर पल यही पुकार
इश्वर की कृपा रहे भरा रहे घर द्वार.

डॉ टी एस दराल said...

कभी दुबई शॉपिंग फेस्टिवल का बड़ा नाम सुनते थे। लेकिन अब सब कुछ यहाँ मिलता है , वो भी उसी दाम पर। दुबई घूमकर भी कुछ खरीदने का मन नहीं किया था। लेकिन यह ग्लोबल विलेज कहाँ लगता है ?

अल्पना वर्मा said...

@Dr Daral ,Sir,Yeh dubai se thoda bahar hai..At-> Exit #37 on Emirates Road, Dubai, United Arab Emirates.

Maheshwari kaneri said...

बहुत सही कहा आप ने...नव वर्ष की शुभकामनाएं

Arvind Mishra said...

नयनाभिराम दृश्य और रुचिपूर्ण विवरण

सतीश सक्सेना said...

वाह,
दुबई भ्रमण के लिए आपका आभार अल्पना जी ! आने की इच्छा है ...
शुभकामनायें आपको !

संजय भास्कर said...

अच्छी जानकारी दी है अल्पना जी आपने
नव वर्ष की शुभकामनाएं !
फुर्सत मिले तो ...मुस्कुराहट पर ज़रूर आईये

प्रवीण पाण्डेय said...

सुन्दर रिपोर्ट, भारत निश्चय ही चमकेगा एक दिन..

Ankur Jain said...

सुंदर, जानकारी भरी प्रस्तुति.....

expression said...

हमारी एक बचपन की सहेली अबुधाबी में है कई सालों से....उससे सुना करते हैं ग्लोबल विलेज के चर्चे....खर्चा करने की आसान जगह लगती है :-)
सुन्दर फोटोस शेयर करने का शुक्रिया.
नववर्ष मंगलमय हो अल्पना जी.

अनु

आशा जोगळेकर said...

Global village की रंगारंग जानकारी बहुत सुंदर लगी । आभार इसे हमारे साथ बांटने के लिये ।

काजल कुमार Kajal Kumar said...

सभी चित्र सुंदर हैं.
हमें पसंद हो या न हो, एक बात तो तय है कि चाइनीज़ लोगों ने डिज़ाइन आैर utility के क्षेत्र में भारत से कहीं ज्यादा बढ़त ले रखी है फिर भी हमारे निर्माता इस तरफ पूरा ध्यान नहीं दे रहे

ताऊ रामपुरिया said...

खूबसूरत तस्वीरों के साथ बहुत ही रोचक जानकारी मिली. तस्वीरे देखते देखते लगा कि हम खुद ही वहां घूम रहे हैं, बहुत बहुत आभार.

रामराम.