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March 10, 2009

रंगों की फुहार

होली की शुभकामनाओं के साथ दो दिन पहले जब यह कविता प्रकाशित की थी तब तकनीकी कारणों से गीत पोस्ट नहीं कर पाई.रश्मि जी ने इस पोस्ट में एक गीत की कमी बताया इस लिए इसी पोस्ट में जोड़ कर प्रस्तुत कर रही हूँ.कल ही मुम्बई से अरविंद जी ने इस का ट्रैक बना कर भेजा है.आज रिकॉर्ड किया है.

जिन साथियों ने इस गीत का अनुरोध किया था.इस सुन्दर गीत से परिचय कराने हेतु उनका भी आभार.
आशा है यह गीत आप सभी को पसंद आयेगा.फिल्म अनुपमा[१९६६]का यह मूल गीत लता जी ने गाया है.
संगीत हेमंत दा का और लिखा है कैफी आजमी साहब ने.



कुछ दिल ने कहा [फिल्म-अनुपमा]
[यह मूल गीत नहीं है.]

Play or download mp3 Here
updated post on March 10,2009.
होली का त्यौहार नज़दीक आ रहा है.इसी अवसर पर प्रस्तुत है एक रंग बिरंगी कविता और होली की
ढेर सारी शुभकामनाएँ-:


रंगों की फुहार
-------------
बहे बसंती बयार ,आया होली का त्यौहार,
हरसू छाई बहार ,उडे रंगों की पतंग.

गौरी करके सिंगार ,मांगे प्रीतम का प्यार,
कोई करे मनुहार ,और कोई करे तंग.

पिचकारी की कतार, हुई रंगों की बोछार,
नाचे गाएं बार बार,बाजे ढोल और मृदंग.

गावे कवित्त और फाग,बस चढ़ रहा खुमार,
गले भंग लो उतार,थोड़ा कर लो हुडदंग!

भीजे रंगों में तन, मन में प्रेम की फुहार,
करो सब को शुमार, खेलो होली के रंग.

-अल्पना वर्मा

75 comments:

Udan Tashtari said...

बेहतरीन होली गीत..आपको भी होली की बहुत शुभकामनाऐं.

अविनाश said...

कोरा दंभ
जीवन निरालम्ब
अंध -स्पर्धा
शर्म बेपर्दा
बेबूझ अज्ञान
सहयात्री से अंजान
भ्रांत -अवधारणा
एकाकी विचारना
पाँवों का भटकाव
जिन्दगी का ठहराव
-----------------------
इन सब की जलाओ होली
फिर दिल से मनाओ होली

एक बेहतरीन और सुंदर होली का गीत

होली की हार्दिक शुभकामनाएँ

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

होली का हुड़दंग मचा है, गाँव-गली, घर-द्वारों में,
ठण्डाई और भंग घुट रही, आंगन और चौबारों में।

प्रेम-गीत और ढोल नगाड़े, साज सुरीले बजते हैं,
रंग-बिरंगी पिचकारी की, चहल-पहल बाजारों में।

राधा-रानी, कृष्ण-कन्हैया, हँसी-ठिठोली करते है,
गोरी की चोली भीगी है, फागुन-फाग, फुहारों में।

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

होली का हुड़दंग मचा है, गाँव-गली, घर-द्वारों में,
ठण्डाई और भंग घुट रही, आंगन और चौबारों में।

प्रेम-गीत और ढोल नगाड़े, साज सुरीले बजते हैं,
रंग-बिरंगी पिचकारी की, चहल-पहल बाजारों में।

राधा-रानी, कृष्ण-कन्हैया, हँसी-ठिठोली करते है,
गोरी की चोली भीगी है, फागुन-फाग, फुहारों में।

shyam kori 'uday' said...

... sundar rachanaa!!!!!

Anil Pusadkar said...

बरसे रंग जीवन मे खुशियों के आपके,
हर रात हो दिवाली और दिन हो होली समान्।

होली की रंग-बिरंगी बधाईयां। होली है…………………………………………………………॥

mehek said...

गावे कवित्त और फाग,बस चढ़ रहा खुमार,

गले भंग लो उतार,थोड़ा कर लो हुडदंग!



भीजे रंगों में तन, मन में प्रेम की फुहार,

करो सब को शुमार, खेलो होली के रंग.
waah bahut sundar,allad mann rangon mein bhig liya.holi bahut mubarak ho aapko bhi.

रंजना [रंजू भाटिया] said...

भीजे रंगों में तन, मन में प्रेम की फुहार,
करो सब को शुमार, खेलो होली के रंग.

हर दिल में उमंग ,हर दिल पर चढा फाग का रंग .:) बहुत सुन्दर होली मुबारक

seema gupta said...

गौरी करके सिंगार ,मांगे प्रीतम का प्यार,

कोई करे मनुहार ,और कोई करे तंग.

होली बहुत बहुत मुबारक

Regards

ज्ञानदत्त । GD Pandey said...

सुन्दर। हम तो सुनने की भी आशा कर रहे थे पर उसका कोई प्वाइण्ट दिख नहीं रहा पोस्ट पर।

सुशील कुमार छौक्कर said...

होली पर एक बेहतरीन रचना।
भीजे रंगों में तन, मन में प्रेम की फुहार,
करो सब को शुमार, खेलो होली के रंग.
बहुत ही उम्दा।

वाह जी क्या बात चारों तरफ होली के रंग़। हम भी सोच रहे है कि इस बार होली मना ही लें।

Arvind Mishra said...

वाह प्रेमरंग पगी कविता -आप भी खेले होली रंगों के साथ अपनों के साथ ! रंगभरी कामनाएं !

mamta said...

पिचकारी की कतार, हुई रंगों की बोछार,

नाचे गाएं बार बार,बाजे ढोल और मृदंग।

बहुत बढ़िया ।

"अर्श" said...

वाह अल्पना जी वाह बहोत ही खुबसूरत रंगों में रंगी सुन्दर अल्फाजों से सजी ये कविता ... आपको तथा आपके पुरे परिवार को मेरे तरफ से ढेरो रंगीन बधाइयां ....
आभार
अर्श

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

खरबूजे को देख-देख कर, रंग बदला खरबूजे ने।
लिखना-पढ़ना खीख लिया है, अब नन्हे चूजे ने।।

प्रतिभा की है धनी अल्पना, सुन्दर रंग भरने होंगे।
टिप्पणी में अपने विचार, कुछ विस्तृत करने होंगे।।

Science Bloggers Association said...

होली का मौसम तो एक माह पहले से ही मन मस्तिष्‍क पर हावी हो जाता है। सुन्‍दर रचना, बधाई।

राज भाटिय़ा said...

बहुत ही सुंदर, होली के रंगो मे रंगी आप की यह कविता, काश आप की मधुर आवाज मे सुननए को मिलती तो होली के रंगो मे भांग का नशा भी शामिल हो जाता, यानि सोने पर सुहागा.
धन्यवाद इस सुंदर कविता के लिये.

आपको और आपके परिवार को होली की रंग-बिरंगी भीगी भीगी बधाई।
बुरा न मानो होली है। होली है जी होली है

दिगम्बर नासवा said...

अल्पना जी
सुंदर कविता होली की मस्ती भरे सुंदर रंग, आपकी तो रचना भी सुंदर रंग संजोए है
आपका कविता पाठ सुंदर रहा होगा, मैने मिस किया
आपको और आपके परिवार को होली की बधाई और मुबारकबाद

neeshoo said...

होली रंगों में रंगी कविता । बहुत सुन्दर

SWAPN said...

रंगों की फुहार
-------------
बहे बसंती बयार ,आया होली का त्यौहार,
हरसू छाई बहार ,उडे रंगों की पतंग.

गौरी करके सिंगार ,मांगे प्रीतम का प्यार,
कोई करे मनुहार ,और कोई करे तंग.

पिचकारी की कतार, हुई रंगों की बोछार,
नाचे गाएं बार बार,बाजे ढोल और मृदंग.

गावे कवित्त और फाग,बस चढ़ रहा खुमार,
गले भंग लो उतार,थोड़ा कर लो हुडदंग!

भीजे रंगों में तन, मन में प्रेम की फुहार,
करो सब को शुमार, खेलो होली के रंग.

-अल्पना वर्मा

alpana koi ek stanza nahin mujhe to poori hi kavita bha gai aur rangon se khoobsoorti aur parwan chadh gai. bahut khoob likha hai aapne. holi ki shubhkaamnaon sahi dheron badhai.

Yuva said...

Holi Mubarak ho.
___
महिला दिवस पर युवा ब्लॉग पर प्रकाशित आलेख पढें और अपनी राय दें- "२१वी सदी में स्त्री समाज के बदलते सरोकार" ! महिला दिवस की शुभकामनाओं सहित...... !!

Pratik Maheshwari said...

बहुत ही सुन्दर चित्रण इस होली के शुभ अवसर पर...
आपको होली की बहुत शुभकामनाएं...
अगर आप मुझे यह बता सकें की आप गाने रिकॉर्ड किस सॉफ्टवेर से करती हैं तो अच्छा लगेगा...
मेरे रिकॉर्डिंग में शोर अभी भी खलल डाल रहा है...

रंजन said...

होली की शुभकामनाऐं..

सुन्दर कविता.. आप बहुमुखी प्रतिभा की धनी है.. आपके द्वारा गाये गाने भी बहुत अच्छे है.. बधाई

दिलीप कवठेकर said...

भीजे रंगों में तन, मन में प्रेम की फुहार,
करो सब को शुमार, खेलो होली के रंग.

भीजे शब्द का उपयोग नया है, जो आल्हादायक मानसिक अवस्था का परिचायक है.

मैं राज जी से सहमत हूं कि ये गीत काश आप या तो गा कर सिर्फ़ तरन्नुम में या पढ कर सुनाती.

दिलीप कवठेकर said...

भीजे रंगों में तन, मन में प्रेम की फुहार,
करो सब को शुमार, खेलो होली के रंग.

भीजे शब्द का उपयोग नया है, जो आल्हादायक मानसिक अवस्था का परिचायक है.

मैं राज जी से सहमत हूं कि ये गीत काश आप या तो गा कर सिर्फ़ तरन्नुम में या पढ कर सुनाती.

Geeta said...

Holi par aap ka yah geet pasand aaya.
Holi ki agrim shubhkamnayen.

डॉ .अनुराग said...

अनेक रंगों में रंगी फागुनी कविता .सभी परिवार वालो को होली के रंग मुबारक

गौतम राजरिशी said...

होली की आपकओ भी अल्पना जी रंगीन बधाई....मैंने तो सोचा था कि अपने अब के पोस्त आप कोई होली गीत सुनायेंगी

"जीत_इन्दौरी" said...

रंगों का ये त्यौहार
आपको भी मुबारक,
एक बहुत ही खुबसूरत और रंगबिरंगी रचना के लिये हार्दिक बधाई...

ताऊ रामपुरिया said...

भीजे रंगों में तन, मन में प्रेम की फुहार,
करो सब को शुमार, खेलो होली के रंग.


एक साहित्यिक होली गीत. बहुत शुभकामनाएं. पाठको की दिली ख्वाहिस पर इसे आवाज दिये जाने के हम भी हिमायती हैं. जब भी आपको समय मिले . इस गीत को स्वर अवश्य देवे. ऐसे शब्दों की रचानाएं कम ही पढने को मिलती हैं.

होली बहुत शुभकामनाएं.

रामराम.

लावण्यम्` ~ अन्तर्मन्` said...

अल्पना जी ,
तथा सभी हिन्दी ब्लोग जगत के साथियोँ को
होली पर्व पर रँगभरी शुभकामनाएँ

Anonymous said...

bahut sundr

Dr. Vijay Tiwari "Kislay" said...

आदरणीया अल्पना जी
अभिवन्दन
"रंगों की फुहार " एक मनभावन प्रस्तुति है आपकी
ख़ासतौर पर निम्न पंक्ति कुच्छ हट कर लगी :-
गोरी करके सिंगार, माँगे प्रीतम का प्यार.
- विजय

रश्मि प्रभा said...

गौरी करके सिंगार ,मांगे प्रीतम का प्यार,

कोई करे मनुहार ,और कोई करे तंग.

.......
ek geet kee kami rah gai......
holi aayi re kanhaai rang chhalke suna de jara baansuri........
holi kee shubhkamnayen

JHAROKHA said...

आदरणीय अल्पना जी ,
रंगों की फुहार आपने वहां से छोडी और यहाँ लखनऊ में हम रंग से सराबोर हुए ...
आपको महिला दिवस और होली की शुभकामनायें.
पूनम

Harshad Jangla said...

Alpana ji
Wonderful poem.
Plz keep writing.
-Harshad Jangla
Atlanta, USA

समयचक्र - महेन्द्र मिश्र said...

समयचक्र: रंगीन चिठ्ठी चर्चा : सिर्फ होली के सन्दर्भ में तरह तरह की रंगीन गुलाल से भरपूर चिठ्ठे

मोना परसाई "प्रदक्षिणा" said...

sundar rachana

मोना परसाई "प्रदक्षिणा" said...

sundar rachana mousam ke mijaaj ki tarah

मोना परसाई "प्रदक्षिणा" said...

sundar rachana mousam ki tarah

आशीष खण्डेलवाल (Ashish Khandelwal) said...

होली के सभी रंग मौजूद है आपकी इस सुंदर कविता में.. आपको और आपके परिवार को होली की ढेरों शुभकामनाएं..

Poonam Agrawal said...

Sunder holi ki panktiyan....Aapko bhi holi ki dher sari mubaarakvaad

Mrs. Asha Joglekar said...

होली का बहुत प्यारा गीत । होली की शुभ कामनाएँ ।

विनय said...

होली की आपको और आपके परिवार में समस्त स्वजनों को हार्दिक शुभकामनाएँ

Harkirat Haqeer said...

Alpna ji,

HOLI KI DHERON SHUBHKAMNAYEN....!!

सुलभ [Sulabh] said...

वाह होली-

मन को मोरा झकझोरे छेड़े है कोई राग
रंग अल्हड़ लेकर आयो रे फिर से फाग
आयो रे फिर से फाग हवा महके महके
जियरा नहीं बस में बोले बहके बहके...

हिंदी ब्लोगेर्स को होली की शुभकामनाएं और साथ में होली और हास्य
धन्यवाद.

Mumukshh Ki Rachanain said...

सुन्दर भावपूर्ण रचना.
बहुत सुन्दर लगी रंग बिरंगी भावों की यह अनुपम प्रस्तुति
होली के इस शुभ अवसर पर आपको भी हमारी हार्दिक शुभकामनाये.

"अर्श" said...

अल्पना जी होली की ढेरो मुबारकबाद ... और शुभकामनाएं... बहोत ही सुन्दर अपने मखमली आवज़ में एक बारगी फिर में मंतामुग्ध कर दिया है आपने फिर से .... बहोत बहोत बधाईयाँ आपको... मगर तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है.... के क्या कहने पता नहीं कितनी बार उसे सुन चूका हूँ.... फिर से कायल हो गया हूँ आपका....

अर्श

अजित वडनेरकर said...

बहुत बढिया...
होली की बहुत बहुत मुबारकबाद...

नीरज गोस्वामी said...

भीजे रंगों में तन, मन में प्रेम की फुहार,
करो सब को शुमार, खेलो होली के रंग.
वाह वा अल्पना जी...आप का गया गीत और ये कविता दोनों बेजोड़....
होली की शुभ कामनाएं.

नीरज

KK Yadav said...

Bahut Khoob !!
______________________________________
होली के शुभ अवसर पर,
उल्लास और उमंग से,
हो आपका दिन रंगीन ...

होली मुबारक !
'शब्द सृजन की ओर' पर पढें- ''भारतीय संस्कृति में होली के विभिन्न रंग''

अविनाश said...

आपके और आपके पुरे परिवार को होली की बधाई और शुभकामनायें.

धन्यवाद

अविनाश said...

आपके और आपके पुरे परिवार को होली की बधाई और शुभकामनायें.

धन्यवाद

रंजना said...

वाह !

कविता के सुन्दर शब्दरंग मनोभूमि पर उतर आह्लाद के रंग बिखेर गए....

बहुत ही सुन्दर इस कविता के लिए बधाई...

आपको सपरिवार रंगोत्सव की हार्दिक शुभकामनाये.

सुशील कुमार छौक्कर said...

छौक्कर परिवार की तरफ से आप और आपके परिवार को रंगो से भरी होली मुबारक। हम तो अब जा रहे गुंजिया बनवाने, गाना रात को सुनेगे। बस आपको होली की शुभकामनाए देने आऐ थे।

ताऊ रामपुरिया said...

बहुत सुंदर गाया गया है है यह गीत. अनुपमा फ़िल्म के सभी गीत मेरे पसंदीदा हैं. एक अलग ही अंदाज मे और ताजगी के साथ भाव विभोर कर गया यह गीत. बहुत शुभकामनाएं.

होली पर्व की आपको परिवार सहित घणी रामराम.

दिगम्बर नासवा said...

Alpana ji
Aapka geet Dubai aane par sunungaa........
Aapko aur aapke pariwaar ko holi ki shubh kaamnaayen

रश्मि प्रभा said...

ab hui n baat......aisi bhi baaten hoti hain....

राज भाटिय़ा said...

अति सुंदर... हमारी तरफ़ से फ़िर से ....
आपको और आपके परिवार को होली की रंग-बिरंगी ओर बहुत बधाई।
बुरा न मानो होली है। होली है जी होली है

Tarun said...

bahut sundar, holi ki shubhkamnaayen.

HEY PRABHU YEH TERA PATH said...

आपके और आपके पुरे परिवार को होली की बधाई और शुभकामनायें.

प्रवीण त्रिवेदी...प्राइमरी का मास्टर said...

होली कैसी हो..ली , जैसी भी हो..ली - हैप्पी होली !!!

होली की शुभकामनाओं सहित!!!

प्राइमरी का मास्टर
फतेहपुर

manu said...

aapko bhi holi ki bahut bahut shubhkaamnaayein,,,

pallavi trivedi said...

होली की बहुत बहुत शुभ कामनाएं....

Anonymous said...
This comment has been removed by a blog administrator.
PREETI BARTHWAL said...

आपको होली की शुभकामनाएं।

P.N. Subramanian said...

हाय बड़े देर में नंबर लगा. बोरी भर भर कर शुभकामनायें.

Anonymous said...

belated Holi wishes...it was a nice experience to go through your blog... which typing tool are you using for typing in Hindi..?
recently i was searching for the same and found ..."quillpad"...heard that it has an option of Rich Text Editor and also provides 9 Indian Languages..r u using the same...?
let me know your opinion about the same...

www.quillpad.in

Keep writing...

Jai Ho...

Science Bloggers Association said...

इस शानदार होली गीत के लिए बधाई।

होली की हार्दिक शुभकामनाऍं।

योगेन्द्र मौदगिल said...

होली मुबारक....

MUFLIS said...

...aisi bhi baateiN hoti haiN...
jee haaN !!
aaj hi sunaa...aaj hi padhaa...
so aaj HOLI ho gayi....
aawaaz aur alfaaz dono ka jaadu
jagaane par badhaaaaeeee. . . .
---MUFLIS---

Mumukshh Ki Rachanain said...

गावे कवित्त और फाग,बस चढ़ रहा खुमार,
गले भंग लो उतार,थोड़ा कर लो हुडदंग!

सुन्दर रचना, पूर्णतः होली को समर्पित.

होली पर हमारी भी हार्दिक बधाई स्वीकार करें.

दिलीप कवठेकर said...

होली पर आप को और आपके परिवार को हार्दिक बधाईयां. साथ ही संपूर्ण ब्लोग परिवार को भी....

प्रस्तुत गीत बेहद सुरील है, और आपने भी मन से गाया है. सुरों पर पकड बेहतर है, और एक बेहतरीन ट्रेक की वजह से गीत और श्रव्य हो गया है. आपको और जादुगर श्री अरविंद को बधाईयां.

तेरी बिंदिया और फ़ना के गीत भी सुन कर अच्छा लगा.(गायक के गले में सुर का राज है)

मेहफ़िले सुर यूं ही चलती रहे, एक गीत बनता रहे , दूसरा सुनते रहें..

मा पलायनम ! said...

पिचकारी की कतार, हुई रंगों की बोछार,
नाचे गाएं बार बार,बाजे ढोल और मृदंग.

और
गले भंग लो उतार,थोड़ा कर लो हुडदंग!
और
भीजे रंगों में तन, मन में प्रेम की फुहार,
करो सब को शुमार, खेलो होली के रंग.
और अंततः
फा गुन -चैत के इस मौसम में , भंग छोड़ खेलो सब रंग

Jayant Chaudhary said...

सुंदर सुंदर अति सुंदर...

~जयंत