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June 22, 2008

'खामोशी'

खामोशी
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'अंजलि भर


खामोशी समेटती हूँ,


बिखरा देती हूँ चारों और ,


क्यूँ कि -


इस भीड़ में,


जी नहीं लगता


तुम बिन...


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22 comments:

मीत said...

बहुत बढ़िया.

दीपक भारतदीप said...

अल्पना जी
आपकी छोटी कविता ने बहुत प्रभावित किया। ऐसे में मुझे भी कुछ पंक्तियां लिखने का मन चाहा सो लिख डालीं।
दीपक भारतदीप
............................................

जुबान कभी नहीं बोलती
तब खामोशी बहुत कुछ कह जाती है
शब्दों का दिल से बाहर आना
बेकार लगता है
तब आखें दर्द दिखा जातीं है
जब लोग भीड़ में चिल्ला रहे हों
अकेले में भी अपनी जुबान से इठला रहे हों
तब खामोशी से दोस्ती कर लो
वही दर्द का इलाज हो जाती है

advocate rashmi saurana said...

bhut sundar rachana.badhai ho. likhati rhe.

mehek said...

is bhid mein ji lagta tum bin,wah bahut khubsurat ehsaas.

Udan Tashtari said...

बहुत खूब.

Lavanyam - Antarman said...

swet, short poem ..good expressions ..liked them a lot alpana jee ..

अल्पना वर्मा said...

आप सभी का तहे दिल से शुक्रिया की आप ने कविता पढ़ी और अपनी कीमती टिप्पणी दी..
दीपक जी आप को मेरी इस छोटी सी कविता से कविता लिखने की प्रेरणा मिली जान कर खुशी हुई.और आप की तुंरत लिखी कविता भी सुंदर भावों को व्यक्त कर रही है..'तब आँखें दर्द दिखा जाती हैं'--बहुत खूब!
-

sanjay patel said...

इस मुख़्तसर सी नज़्म
में भावनाओं का वितान
निज होकर भी
सबसे बतियाता सा
अपना होकर भी
बहुत कह जाता सा

रंजू ranju said...

बहुत सुंदर कुछ लफ्जों में दिल को छू जाने वाली रचना है यह ..

mamta said...

छोटी पर गहरे भाव लिए है आपकी कविता।

नीरज गोस्वामी said...

अल्पना जी
कोई इतने कम लफ्जों में कैसे इतनी गहरी बात कह जाता ये आप से सीखे. बेहत संतुलित शब्दों के चयन से आप मन की पीड़ा को जिस तरह से अभिव्यक्त कर गयीं हैं वो कबीले तारीफ है. बहुत बहुत बधाई.
नीरज

ajay kumar jha said...

alpna jee,
yadi khaamoshee itnaa kuchh keh gayee to jab lab khulenge to kitnaa kahar dhaayenge , iskaa to andaazaa lagana mushkil hai, likhte rahein.

Dr. Chandra Kumar Jain said...

ये खामोशी तो
बहुत कुछ बोल रही है.
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सुंदर प्रस्तुति.
डा.चन्द्रकुमार जैन

pallavi trivedi said...

kam shabdon mein sundar kavita...

महेंद्र मिश्रा said...

सुंदर प्रस्तुति..

DR.ANURAG said...

अब तक आपकी लिखी हुई बेहतरीन रचनायों में से एक.....लाजवाब .....बेहतरीन........

'ताइर' said...

kam lafzo mein kissa tamam...bahot khub...

bhoothnath said...

मैंने तो सोचा कि अंजलि भर पानी लेने वाली होंगी आप........क्योकि खामोशी तो अंजलि में समाती नही....वो तो हममे से निकलती है ....और दूर-दिगंत तक फ़ैल जाती है.....अंजलि का सवाल ही कहाँ...आपकी अंजलि तो बहुत बड़ी है....आपकी कविता के भावों की भांति.....सच....

MUFLIS said...

..lafz bahut hi khoobsurat haiN, lekin unheiN byaan karne ka andaaz aur bhi zyada khoobsurat hai.. itne km alfaaz meiN aapne mn ki itni baRhi baat keh di... mubaarakbaad qubool farmaaeiN . ---MUFLIS---

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

वाह ..बहुत खूब

अनुपमा त्रिपाठी... said...

BAHUT SUNDER ...

vidya said...

वाह..बहुत बहुत सुन्दर!!!!