स्वदेश वापसी /दुबई से दिल्ली-'वन्दे भारत मिशन' Repatriation Flight from UAE to India

'वन्दे भारत मिशन' के तहत  स्वदेश  वापसी   Covid 19 के कारण असामान्य परिस्थितियाँ/दुबई से दिल्ली-Evacuation Flight Air India मई ,...

April 25, 2012

बहुमुखी प्रतिभासंपन्न होना एक शाप ...

चित्र-गूगल से साभार.
जब आप के किसी ख़ास गुण की तारीफ़ की जाती है तो सुन कर खुश होना स्वाभाविक है.
लेकिन जब आप बहमुखी प्रतिभासंपन्न हों तो आप के गुण ,आप की काबीलियत आप के लिए मुसीबतें खड़ी कर सकती है!
ये मुसीबतें  इस हद्द तक बढ़ जाती हैं कि ऐसा गुणवान होना आप को एक शाप लगने लगता है.
मेरे विचार में किसी संस्था में नौकरी हेतु आप जब अपना सी.वी. देते हैं तो ध्यान रखिये ..सिर्फ उतना ही बताएँ जितना ज़रुरी है.अपनी हर उपलब्धि का बखान करना भविष्य में मुश्किलें खड़ी कर सकता है.

अगर आप ने ऐसा किया तो अचानक आप को ऐसा अहसास दिलाया जाने लगेगा कि आप से अधिक योग्य और कोई नहीं ..अधिक से अधिक जिम्मेदारियाँ दी जाने लगेंगी..कहते हैं ' न' कहना भी एक कला है.अगर आप हर काम के लिए 'मैं कर लूंगा' कहते हैं तो समझिये...कि यह स्थिति अपने पाँव पर कुल्हाड़ी मारने से अधिक कुछ नहीं होगी!

March 22, 2012

जब मैं 'मैं' नहीं 'हम' होता है...


इसी नतीजे पे पहुँचते हैं सभी आखिर में,
  हासिल ए सैर ए जहाँ कुछ नहीं हैरानी है . ---------------------------------
जुस्तजू जिसकी थी उसको तो न पाया हमने
इस बहाने से मगर देख ली दुनिया हमने
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शाम होते ही खुली सड़कों की याद आती है
सोचता रोज़ हूं मैं घर से नहीं निकलूंगा
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सबका अहवाल वही है जो हमारा है आज
ये अलग बात है शिकवा किया तन्हा हमने
---शहरयार----

इन पंक्तियों के लिखने वाले मशहूर शायर शहरयार साहब थे. इन शेरों को पढ़ कर उनकी   छवि एक संवेदनशील शायर के रूप में दिमाग में बन जाती है और इन्हीं पंक्तियों के लिखने वाले के बारे में जब कोई ऐसा बयान आता है जो इस छवि के विपरीत हो..जैसा कि उनकी पत्नी ने उनके मरणोपरांत दिया था. कोई भी यकीन नहीं कर पाता .

यह भी काफी हद तक सच है कि एक स्त्री जो कई साल अपने पति के साथ रही है वह उस के मरने के बाद उसके लिए गलत नहीं बोल सकती.