बरसात..अहा...यह शब्द ज़हन में आते ही याद आते हैं ...'काले मेघ और बरसती बूंदें'!..अरसा हुए था इन्हें देखे हुए..बस ,कल ये मुराद भी कोई डेढ़ साल बाद पूरी हुई....आसमान काले बादलों से ढका ..दिन के ३ बजे हल्का अँधेरा देख कर मन किया बाहर निकलूँ और खूब भीगूँ!और तभी रिमझिम बरसात भी शुरू हो गई ...बस भीगना तो लाज़मी था ही ...घर के आस -पास देखा ...कई बच्चे और बड़े भी जानबूझ कर बरसात में भीगने को बाहर खड़े थे ..छाता हाथ में मेरे था लेकिन मैं ने तो खोला ही नहीं ..ऐसे हलकी बूंदों में भीगना कितना अच्छा लगता है!
स्वदेश वापसी /दुबई से दिल्ली-'वन्दे भारत मिशन' Repatriation Flight from UAE to India
'वन्दे भारत मिशन' के तहत स्वदेश वापसी Covid 19 के कारण असामान्य परिस्थितियाँ/दुबई से दिल्ली-Evacuation Flight Air India मई ,...
December 1, 2012
November 25, 2012
हाइकु
प्रस्तुत हैं सात हाइकु .. --;
गुम है मीता
मौन हुई निगाहें
मन भी रीता
[मीता--सखा /friend] |
तस्वीर मौन
अंतहीन प्रतीक्षा
खुद को भूले !
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रुकावट राह की फिरी नज़र |
नयन भीगे
सलवटें माथे पे
कलाई सूनी.
|
पाषाण मन
अंतर बहे लावा
आँखों का नीर !
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धुंध हुई गहरी नहीं हैं ' हम' ! |
उनका प्रतिबिम्ब
घुलता चाँद ~~-अल्पना वर्मा ~~ |
हाइकु कविता के संबंध में संक्षिप्त जानकारी-:
- हाइकु/हायकू हिन्दी में १७ अक्षरों में लिखी जानेवाली सब से छोटी कविता है.
- तीन पंक्तियों में पहली और तीसरी पंक्ति में ५ अक्षर और दूसरी पंक्ति में ७ अक्षर होने चाहिये.
- संयुक्त अक्षर ex:-प्र. क्र , क्त ,द्ध आदि को एक अक्षर/वर्ण गिना जाता है.
- शर्त यह भी है कि तीनो पंक्तियाँ अपने आप में पूर्ण हों.[न की एक ही पंक्ति को तीन वाक्यों में तोड़ कर लिख दिया.]
- हाइकु कविता ' क्षणिका' नहीं कहलाती क्यूंकि क्षणिका लिखने में ये शर्तें नहीं होतीं
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