स्वदेश वापसी /दुबई से दिल्ली-'वन्दे भारत मिशन' Repatriation Flight from UAE to India
'वन्दे भारत मिशन' के तहत स्वदेश वापसी Covid 19 के कारण असामान्य परिस्थितियाँ/दुबई से दिल्ली-Evacuation Flight Air India मई ,...
June 8, 2008
May 25, 2008
लघु कविताएँ
1)अपने भीतर के जानवर को
छुपाने की कोशिश करते है,
कई लोग,
अक्सर ..... दूसरो के खोल में!
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2)वो शमा हूँ ,जो जलती रही मगर रोशनी कहीं न हुई!
वो लहर हूँ उफनती रही मगर न दामन किसी का गीला किया!
वो आंसू हूँ जो ढलका नहीं अब तक किसी के गालों पर!
हाँ ,
वो सांस हूँ जो ढली आह में मगर ,घुटती है अब तक सीने में!
[written when i was a college student]
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3)अपनी रफ्तार से जा रही है ज़िंदगी यूं तो!
मगर न जाने क्यों लगता है....
अनगिनत विराम चिन्ह
हरदम साथ चलते हैं!
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-अल्पना वर्मा
छुपाने की कोशिश करते है,
कई लोग,
अक्सर ..... दूसरो के खोल में!
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2)वो शमा हूँ ,जो जलती रही मगर रोशनी कहीं न हुई!
वो लहर हूँ उफनती रही मगर न दामन किसी का गीला किया!
वो आंसू हूँ जो ढलका नहीं अब तक किसी के गालों पर!
हाँ ,
वो सांस हूँ जो ढली आह में मगर ,घुटती है अब तक सीने में!
[written when i was a college student]
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3)अपनी रफ्तार से जा रही है ज़िंदगी यूं तो!
मगर न जाने क्यों लगता है....
अनगिनत विराम चिन्ह
हरदम साथ चलते हैं!
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-अल्पना वर्मा
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