July 31, 2020

दुबई से दिल्ली /क्वारंटाइन के दिन /Institutional Quarantine in Delhi /Vande Bharat mission



 
20 July,2020

सोमवार

·       हम ITC मौर्या होटल में ठहरे थे । पहले अमेरिका के राष्ट्रपति ओबामा और हाल ही में जब  ट्रम्प यहाँ ठहरे थे तब बहुत सुना था इस होटल के बारे में ,अब यहाँ ठहरने का अनुभव भी मिला 



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·       अगले   सात दिनों तक होटल के  अपने कमरे में ही रहना है

·       पहला दिन सुबह चाय के सैशे और पानी की बोतलें कमरे के बाहर रखी गोल मेज पर रख दी गयी थी ।



·       हर कमरे के बाहर एक गोल मेज थी ,जिस पर आप के लिए खाना आदि रखा जाता है ,घंटी बजा दी जाती है । क्वारंटाइन में रह रहे ,आपके कमरे में सफाई आदि के लिए भी कोई स्टाफ नहीं आएगा। 





·       हाँ,आपको धुले तौलिये,चादर आदि चाहिए तो फोन करके मँगवा सकते हैं ,लेकिन low contact policy के कारण आपके कमरे में कोई आएगा नहीं.

·       सुबह नाश्ता ,दिन और रात का खाना एक कवर की गयी डिस्पोजेबल प्लेट में मिलेगा ।पानी और चाहिए तो दिए गए नंबर पर फोन कर सकते हैं ।वैसे २ लीटर पानी प्रति व्यक्ति काफी होता है।

· होटल के मेनू से आप कुछ मँगवा सकते हैं लेकिन उसके पैसे अलग से देने होंगे ।

(See the pic,Doctor Seats here to check all the occupants)
·       यहाँ  क्वारंटाइन में रह रहे लोग सभी  अन्तर्राष्ट्रीय यात्री ही लग रहे थे ,प्रतिदिन हम सभी को होटल में ‘एक निर्धारित  स्थान पर आना होता है ,दिन के डेढ़ बजे एक डॉक्टर आते हैं और सभी के तापमान को जाँचा और रिकॉर्ड किया जाता है ।

·       अगर डॉक्टर किसी को टेस्ट के लिए रेफर करते  हैं या उनको अन्य राज्य में जाने से पहले यह टेस्ट कराना आवश्यक था तो उसका swab टेस्ट भी किया जा सकता है (हमारे साथ के कुछ लोगों का ऐसा ही टेस्ट होते हमने देखा ,इस टेस्ट के लिए उन्हें पैसे देने पड़े थे।)इस टेस्ट का शुल्क व्यक्ति को खुद ही देना पड़ता है, जैसा मैंने पहले भी लिखा था कि यहाँ रहने का सारा खर्चा स्वयं ही उठाना है ।

·       यहाँ लांड्री की सेवा है और इस समय कुछ ऑफर भी था ,मैंने उसका लाभ उठाया ।




·      
यह होटल 'पर्यावरण फ्रेंडली ' है ,यहाँ कमरे का तापमान २४ से नीचे नहीं होता ,मैंने १८ पर सेट किया लेकिन डिस्प्ले में वही २४ दिखाता!

·       एक दिन पूछा तब बताया गया कि आपको अगर कमरे के तापमान में और कमी  चाहिए तो फोन पर  इंजीनियरिंग सेक्शन में बात करनी होगी।
 मिलने वाले खाने की  एक झलक इस विडियो में देखें -

 

·       एक बात यह अच्छी लगी कि जितने दिन मैं रही उतने समय मेनू दोहराया नहीं गया,हर बार कुछ नया था ।।खाने की प्लेट का कवर खोलते एक जिज्ञासा रहती कि आज क्या नया खाना है !

·       कमरे काँच की खिड़की से बाहर का नज़ारा देखकर सोने के पिंजरे में बंद पंछी का ध्यान आता !


·       बाहर कबूतर खिड़की के शीशे के पास बैठा देखा ।

·       सच! समय कभी एक सा नहीं रहता ।

·       पंछी बाहर खुली उड़ान भर रहे थे ,और हम काँच की दीवार के इस पार खुली धूप को छू भी नहीं पाते थे, बाहर हरियाली और हवा में झूमते पेड़ दीखते मगर उस हवा को महसूस नहीं कर पाते थे।

·       इस अंतराल में वर्षा भी हुई मगर उसकी बूँदों में भीगने की लालसा अधूरी रही!


·       दिन में  स्वास्थ्य जाँच के समय अपने जैसे कुछ इंसानों को आसपास देखकर ,बातें करते सुनकर सुकून मिलता कि हम अकेले नहीं हैं।


चूँकि होटल में रहना सामान्य परिस्थितयों में नहीं है तो कुछ प्रश्न जो क्वारंटाइन में रहने आने से पहले बहुत से यात्रियों के मन में होंगे (जो मेरे भी मन में थे  )
  • क्या प्रेस  होगी? हाँ ,प्रेस टेबल और प्रेस दोनों कमरे में रखी  मिलेंगी.
  •  क्या कमरे में बिस्तर के अतिरिक्त  बैठने की जगह होगी ?
हाँ ,एक सोफा और अतिरिक्त स्थान बैठने का है.पढने की मेज भी है.सामान्य परिस्थितियों में  होटल में रहने के लिए दिया जाने वाला कमरा ही है. ( क्वारंटाइन प्रोटोकॉल के कारण सुविधाएँ थोडा भिन्न हैं)
  •  क्या प्लग पॉइंट हमारे प्लग के लिए उपयुक्त होंगे ? हाँ ये सभी प्लग पॉइंट्स अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को ध्यान में रखकर लगे हैं .
  • चाय के लिए पानी की केतली होगी? हाँ,वह भी सामान्य परिस्थितियों की तरह रखी थी.


  • क्या टी वी  होगा ?

·       टी वी है ,सभी चैनल्स आते हैं लेकिन देखने का मन नहीं करता ।


  • इन्टरनेट कनेक्शन भी है ,असीमित अपलोडिंग या डाउनलोड कर सकते हैं .
·       शुक्र है कि फ्री वाय -फ़ाय है ,अच्छी स्पीड भी है ,अंतर्जाल पर फ़िल्में भी देखी जा सकती हैं लेकिन  फिर मूड भी तो हो!

·       शाम को बाहर दूर  किसी घर की छत पर बच्चे पतंग उड़ाते भी दिख जाते हैं तो अच्छा लगता है।
  • क्या होटल में खरीदारी /स्पा/gym की सुविधा होगी?
·       होटल में  अन्दर दुकान बंद है,स्विमिंग पूल,स्पा आदि सुविधाएँ भी बंद हैं ।
  • क्या आप होटल के बाहर जा सकते हैं ?
  • नहीं
  • क्या कोई आपसे मिलने आ सकता है ?
  • नहीं
  • क्या कोई सामान बाहर से मँगवा सकते हैं ?
  • इसके लिए रिसेप्शन से पूछें,इस होटल में खाने का  कोई सामान नहीं मंगवा सकते ,कोई अन्य सामान ऑनलाइन खरीदारी करके मँगवाया जा सकता है .
  • साफ़-सफाई के उच्च स्तर को maintain किया जाता है.
स्वास्थ्य जाँच के बाद कमरे में वापस आने से पहले नीचे के हॉल में थोड़ी देर बैठने और बाहर की हरियाली को आँखों में भर लेने के बाद कमरे में वापस आते हैं तब खाना रखा  मिलता है।

·       ऐसे ही दिन पूरा निकल जाता है,दिन -दिन करते क्वारंटाइन का पूरा समय भी ऐसे ही बीत गया । अंतिम दिन डॉक्टर द्वारा दी गयी स्वास्थ्य रिपोर्ट 'ओके' होने पर इस  क्षेत्र के मजिस्ट्रेट से एक 'पास' मिलता है जिसकी आवश्यकता आपको घर तक जाने के लिए होगी।

·     होटल से घर जाने के लिए आपको  स्वयं ही कैब की व्यवस्था करनी होती है ।

·       'पास' के साथ ही वापस मिलते हैं आपके पासपोर्ट!

·       हाँ ,आपका  पासपोर्ट होटल बुकिंग के लिए रजिस्टर करते समय ही रख लिए जाते हैं और  घर जाने के समय ही  मिलता है ।

·       मुझे इस पूरे समय ऐसा ही लगा जैसे किसी होटल में नहीं बल्कि हॉस्टल में रह रहे हैं ।
( मैं अपने परिवार के साथ यह यात्रा कर रही थी . होटल में हमको  दो कमरे लेने पड़े थे .)
होटल में सिंगल और डबल occupancy के कमरे मिलते हैं )
·      
होटल में सभी कर्मचारी  बहुत अच्छे हैं और उनका प्रयास रहता है कि किसी को कोई असुविधा न हो ।
·       एक बार पुनः मैं भारत सरकार ,एयर इंडिया एक्सप्रेस ,अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के अधिकारियों , और जिसमें मैं अपने परिवार के साथ ठहरी 'होटल ITC मौर्या'  का धन्यवाद करती हूँ , सभी के सहयोग से 'वन्दे भारत मिशन' के तहत आये यात्रियों के लिए  बहुत ही  सुचारू व्यवस्था की गयी है 
·       'दुबई से दिल्ली' और संस्थागत  क्वारंटाइन में रहने का अच्छा अनुभव रहा।

·       जो भारतीय  'वन्दे भारत मिशन ' की फ्लाइट से घर वापस आने की प्रतीक्षा में हैं ,उन्हें शुभकामनाएँ!

 
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6 comments:

Harihar (विकेश कुमार बडोला) said...

Upyogi sansmaran. Aise hi swasth aur shaktishali banen rahen.

Alpana Verma said...

एक लम्बे समय अंतराल के बाद आपको यहाँ देखकर सुखद आश्चर्य हुआ.
इस कोरोना-संकट- काल में ईश्वर की कृपा सब पर बनी रहे ,सभी सुरक्षित और स्वस्थ रहें.

डॉ टी एस दराल said...

Blessing in disguise.
कैद इतनी हसीन हो तो काहे का गम । शायद अकेले बोरियत हुई होगी ।
चलिए स्वागत है देश वापसी पर।

डॉ टी एस दराल said...

Blessing in disguise.
कैद इतनी हसीन हो तो काहे का गम । शायद अकेले बोरियत हुई होगी ।
चलिए स्वागत है देश वापसी पर।

Darshan Lal Baweja said...

स्वागत है।

Alpana Verma said...

@ डॉ.दराल जी मैं अकेली नहीं थी ,मेरे पतिदेव और बेटी भी साथ थे !