अभिशप्त माया

ग़लती से क्लिक हुई छाया एक साए की  आज सागर का किनारा ,गीली रेत,बहती हवा कुछ भी तो रूमानी नहीं था. बल्कि उमस ही अधिक उलझा रही थी माया...

March 23, 2016

होगी पिया संग होली !


Radha Krishn Holi-Courtesy:google images
होगी पिया संग होली
                                               - अल्पना वर्मा 

बहे फागुनी बयार ,गौरी करे सिंगार 
मन रंगे इस बार ,करे पी का इंतज़ार .

बजे चंग बार-बार ,फूल पालकी सवार 
सुनो  मन की पुकार ,सजन आओ इस पार.

देख रंगों की बहार ,बजे हिय के तार 
पिचकारी की धार ,लागे मन में कटार

भीगा -भीगा संसार ,ठंडी लागे फुहार 
लेके प्रीत बेशुमार, सजन आये तेरे द्वार !

बिछुडों को लो पुकार ,रूठों को भेजो प्यार 
लेकर मिलन के हार ,आया होली का त्यौहार!
==================२३/०३/२०१६ ================

आप सभी को होली पर्व की ढ़ेरों शुभकामनाएँ!!!
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11 comments:

  1. आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 24-03-2016 को चर्चा मंच पर चर्चा - 2291 में दिया जाएगा
    धन्यवाद

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  2. दिलबाग जी ,मेरी इस पोस्ट को चर्चा मंच की चर्चा में स्थान देने हेतु बहुत-बहुत आभार.

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  3. Aapko holi ki haardik badhai..

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  4. बहुत सुन्दर

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  5. बहुत सुन्दर ...
    होली की शुभकामनाएं!

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  6. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शुक्रवार (25-03-2016) को "हुई होलिका ख़ाक" (चर्चा अंक - 2292) पर भी होगी।
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    --
    रंगों के महापर्व होली की
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  7. रंगोत्सव के पावन पर्व पर हर्दिक शुभकामनायें...सार्थक प्रस्तुति...

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  8. लेकर मिलन के हार ,आया होली का त्यौहार!

    सच कहा अल्पना जी।

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  9. सुंदर प्रस्तुति।

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  10. अल्पना जी आप ने इस कविता में जिस तरह होली में प्यार् को दर्शाया है वो बहुत ही सराहनीय है आप इस तरह की कवितायें शब्दनगरी पर भी प्रकाशित कर सकती है......इस लेख के लिए आपको बधाई......

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  11. अल्पना जी आप ने इस कविता में जिस तरह होली में प्यार् को दर्शाया है वो बहुत ही सराहनीय है आप इस तरह की कवितायें शब्दनगरी पर भी प्रकाशित कर सकती है......इस लेख के लिए आपको बधाई......

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आप के विचारों का स्वागत है.
~~अल्पना