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November 22, 2012

छोटी-छोटी बातें



जीवन में घटने वाली छोटी -छोटी घटनाएँ भी कितना कुछ सिखा जाती हैं ,यह पिछले  तीन  दिनों में अनुभव किया। 
बीमार पड़ना या मरीज दिखना/कहलाना  मुझे कतई पसंद नहीं ,बहुत खराब लगता है। 
मंगलवार को खेल के मैदान में  एक खेल के दौरान एक छोटी- सी दुर्घटना  में  मुझे भी थोडा चोट लगी। 
हाल-चाल पूछने वालों का तांता लग गया ! शुभचिंतकों द्वारा हाल-चाल पूछने पर कैसे  लगता है इसका  अनभव हुआ।
[मुझे  याद नहीं कि इस से पहले बीमार ऐसी कभी पड़ी थी कि  इतने लोग हाल-चाल पूछें !]



सच कहूँ तो बड़ी ही झेंप लगी कि अरे ,क्यों  सब हाल पूछने आ रहे हैं ! 
सब को एक ही बात दोहराती कि  क्या हुआ था/ कैसे हुआ था अब क्या हाल है.
[बीमार पड़ने पर दुःख के साथ ऐसी सुखानुभूति भी  होती होगी जानती न थी!]

लेकिन दूसरी और तीन दिनों में जिस ने भी 'गेट वेल सून' /सांत्वना  सन्देश भेजे  या कहे ,
उन सभी के प्रति सॉफ्ट कोर्नर तो होना हुआ ही ,साथ यह  अनुभव भी  हुआ कि भले ही मिलने जा सको या नहीं लेकिन कभी भी किसी के दुःख के समय में उसे दो शब्द  ज़रूर कहने  चाहिये चाहे फोन से चाहे /इमेल से चाहे /कागज़ के टुकड़े  से /चाहे किसी के हाथ सन्देश दे कर मगर सांत्वना के  दो शब्द बीमार का  मनोबल बढ़ाने हेतु  ज़रूर पहुंचा देने चाहिये। 

बड़े लोग सब सिखाते हैं कि  ऐसा करना चाहिये मगर ..इस घटना से पूर्व में इतना सतर्क नहीं रहा करती थी .वैसे भी औपचारिकताओं का विभाग पतिदेव बखूबी संभालते हैं और बताते रहते हैं कि  मुझे क्या करना चाहिये इसलिए भी मैं लापरवाह  थी!
ईमानदारी से कहूँ तो इस से पूर्व  मैं ने कभी इस बात पर गंभीरता से नहीं सोचा था मगर स्वयं  के साथ हुई घटना और अनुभव से यही सीखा  कि  सुख में चाहे किसी से दो शब्द बोलो या न बोलो।।लेकिन दुःख -तकलीफ में ज़रूर  कह देने चाहिये और अब तो फेसबुक/मोबाइल  का ज़माना है इसलिए यहाँ सांत्वना /संवेदनाएं/ शुभकामनाएँ  कॉपी -पेस्ट भी करें मगर करें ज़रूर ..

ये सब जीवन भर याद रहने वाली बातें हैं। 

कम से कम मैं तो यह नहीं भूल सकती कि किस-किस ने मुझे अपने सांत्वना सन्देश भेजे / किस ने फोन किया/किस ने कैसे बात की![और किस ने नहीं याद किया वो भी ! :)] ]

एक छोटी- सी घटना ने  मुझे दर्द -तकलीफ तो दी मगर  एक  अच्छी अनमोल सीख भी दे डाली। 
चिंता की कोई बात नहीं है, फिलहाल बेहतर हूँ .२ दिन की सिक लीव पर हूँ ,उस पर फ्लू भी है जिसकी दवा मुझे  आधी बेहोशी में रखे हुए है ,बाकी आधा दिन तो नींद में जाता ही  है !

20 comments:

Vaneet Nagpal said...

पहले तो आपके स्वास्थय की कामना है कि आप शीघ्र पूर्ण रूप से स्वस्थ हों | अपने अनुभव को शेयर करने के लिए व नई सीख के लिए नमन |

प्रवीण पाण्डेय said...

स्वास्थ्य लाभ करें, शीघ्र ही..

कालीपद प्रसाद said...

जीवन के हर घटना से एक नई अनुभूति होती है. आपको भी हुआ .जीवन में उपयोगी सिद्ध होगा . जल्दी ठीक हो जाइये और फुर्सत में कभी मेरे ब्लॉग में आइये .

कालीपद प्रसाद said...

जीवन के हर घटना से एक नई अनुभूति होती है. आपको भी हुआ .जीवन में उपयोगी सिद्ध होगा . जल्दी ठीक हो जाइये और फुर्सत में कभी मेरे ब्लॉग में आइये .blog ka samarthan kare ; http://kpk-vichar.blogspot.in

वाणी गीत said...

ये अनुभव जिंदगी की सौगात बन जाते हैं . दुःख में दी गयी सांत्वना हमेशा याद रहती है !
शीघ्र स्वास्थ्यलाभ की शुभकामनायें !

शारदा अरोरा said...

sahi kH aapne ...ab aap bataiye ..kaisi hain aap ?

विजय राज बली माथुर said...

हम आपके शीघ्र स्वास्थ्य -लाभ की कामना करते हैं।

विजय राज बली माथुर said...

आप इस लिंक पर दी गई स्तुति का सहारा लेकर शीघ्र स्वस्थ्य लाभ प्राप्त कर सकती हैं। ---
http://www.facebook.com/photo.php?fbid=438073346254647&set=o.331682593586639&type=1&theater

अनूप शुक्ल said...

शीघ्र स्वास्थ्यलाभ की शुभकामनायें !

Anonymous said...

हमें तो अभी पता लगा ... अपनी सारी चोटें, दर्दें , दुख और ग़म हमको देदें .. भगवान से प्रार्थना है कि आप जल्द स्वस्थ हो जाएँ

शुभचिंतक
SA FEROZ

Mukesh Kumar Sinha said...

get well soon... ummid karta hoon jaldi thik hongee aap:)

Shashi said...

Liked your post but did not like that u got unwell . Wish you get well real soon !

प्रतीक माहेश्वरी said...

दर्द से दर्द की पहचान होती है..
आशा है कि आप स्वस्थ हो गयी होंगी..
भारत से आभार..

वन्दना said...

आपका इस प्रविष्टी की चर्चा कल शनिवार (24-11-2012) के चर्चा मंच पर भी होगी!
सूचनार्थ!

ई. प्रदीप कुमार साहनी said...

बहुत बढ़िया पोस्ट ।

मेरी नई पोस्ट-गुमशुदा

आपके ब्लॉग को यहाँ शामिल किया गया है- ब्लॉग"दीप"

Rajesh Kumari said...

पहले तो बता दूँ अल्पना जी मैं चर्चामंच के माध्यम से पहली बार आपके ब्लॉग पर आई हूँ जुड़ भी गई हूँ आपके ब्लॉग से आपकी बहुत अच्छी पोस्ट पढ़ी सबसे पहले तो मैं भी कहूँगी गेट वेळ सून जिंदगी में हर कदम पर देर सबेर इंसान कुछ न कुछ सीखता है पर यह सच है अपने आप जब किसी दौर से गुजरते हैं तो अनुभव हमें जल्दी सिखाता है बहुत अच्छा लगा आपके ब्लॉग पर आकर स्वस्थ हो जाएँ तो मेरे ब्लॉग पर भी आना आपका स्वागत है hindikavitayenaapkevichaar.blogspot.in

poonam said...

get well soon

विजय राज बली माथुर said...

अल्पना जी आप को फेसबुक पर स्तुति उस लिंक पर नहीं मिली तो इसका कारण आपके द्वारा अपना प्रोफाईल डीएक्टिवेट करना हो सकता है। आपको मेल किया था मिला होगा।
वैसे 'जनहित मे'ब्लाग पर इस लिंक मे भी आप वह स्तुति देख सकती हैं।
http://janhitme-vijai-mathur.blogspot.in/2012/11/27-2011-24-2011-ibn7-2012-23.html

अल्पना वर्मा said...

आप सभी की शुभकामनाओं का तहे दिल से आभार.आप की दुआओं से अब मैं काफी हद तक अच्छी हूँ.

ताऊ रामपुरिया said...

आपकी अस्वस्थता का पता आज इस पोस्ट से चला, आप हमेशा स्वस्थ और प्रसन्न रहें यही शुभकामनाएं हैं.

रामराम