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January 13, 2011

'छाई इंद्रधनुष सी हिंदी '



विश्व हिंदी  दिवस
हिंदी भाषा के बारे में श्री रामेश्वर दयाल कांबोज हिमांशु जी के अनुसार-
भारत को समझना तो जानिए इसको
दुनिया भर में पा रही विस्तार है हिंदी।।

सब दिलों को जोड़ने का काम कर रही
देश का स्वाभिमान है आधार है हिंदी।।

 हिंदी हमारी मातृभाषा है ,यह भारत में सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा है.यह विश्व में सर्वाधिक बोली जाने वाली तीसरी भाषा है.

विश्व में हिन्दी के प्रचार-प्रसार के लिये जागरूकता पैदा करने तथा हिन्दी को अन्तराष्ट्रीय भाषा के रूप में पेश करने के उद्देश्य से विश्व हिन्दी दिवस प्रति वर्ष 10 जनवरी को मनाया जाता है.

अंग्रजी के बढ़ते प्रभुत्त्व  के बावजूद इसमें कोई शक नहीं कि आज भी हिंदी हमारे भारत देश की पहचान है.

संयुक्त अरब एमिरात में  इस वर्ष  अबू धाबी स्थित भारतीय दूतावास में विश्व हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में जनवरी १२ को एमिरात के भारतीय स्कूलों के छात्रों के बीच वाद विवाद प्रतियोगिता का आयोजन करवाया गया.

मेरा सौभाग्य रहा कि मुझे इस प्रतियोगिता के  निर्णायक मंडल में शामिल किया गया .

जहाँ एमिरात  के चुने  हुए होनहार छात्रों ने अपने विचार प्रस्तुत किये.
कनिष्ठ और वरिष्ठ वर्ग में  चुने हुए कुल ८० छात्रों ने भाग लिया.

एमिरात में रहने वाले हिंदी के जाने माने लेखक कृष्ण बिहारी जी [जिनकी सैकड़ों रचनाएँ हिंदुस्तान के प्रमुख समाचार पत्रों एवं पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं .कई कहानी संग्रह ,उपन्यास,कविता संग्रह,नाटक,संस्मरण आदि छप चुके हैं.]ने इस अवसर पर सभी को संबोधित करते हुए हिंदी भाषा और हिंदी दिवस के महत्व को बताया और साथ ही अपने प्रेरक शब्दों से सभी प्रतिभागियों  का मनोबल बढ़ाया  'जय हिंदी' के नारों से  सभागार में एक अद्भुत वातावरण बन गया.उसी वातावरण में कार्यक्रम पूरे उत्साह और उमंग  के  साथ चला.

कार्यक्रम के अंत में माननीया  अनुजा जी ने सभी विजेताओं को पुरस्कार बांटे.
भारतीय सांस्कृतिक कार्यकर्मों की निदेशक अनुजा चक्रवर्ती जी के नेतृत्व में दूतावास द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम  बहुत  सफल रहा.


आयोजक मंडल को  शुभकामनाएँ और निमंत्रण के लिए आभार.
जय हिंदी- जय हिंदुस्तान

देखीये उस समारोह की कुछ झलकियाँ –:
SAM_1594 SAM_1599
SAM_1605 SAM_1601
 SAM_1607 SAM_1608
SAM_1614 SAM_1613
anuja ji ke saath

96 comments:

डॉ. मनोज मिश्र said...

जय हिंदी- जय हिंदुस्तान...

यशवन्त माथुर said...

आदरणीया आल्पना जी,
U A E में हिन्दी भाषा के प्रसार और प्रचार में इस तरह के आयोजन महती भूमिका निभा सकते हैं.
ये जान कर बहुत अच्छा लगा की आप इस वाद विवाद के निर्णायकों में से एक थीं.
हार्दिक बधाई स्वीकारें.

सादर

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

अच्छे कृत्य के बारे में जानकर अच्छा लगा...

प्रवीण पाण्डेय said...

हिन्दी का उत्थान, वाह रे वाह आयोजन।

Ram Krishna Gautam said...

संविधान के जाल में हिरनी सी लाचार,

किसी अँधेरी नीति की हिंदी हुई शिकार


(भारत के सन्दर्भ में)


"राम"

Mithilesh dubey said...

जय हिंदी- जय हिंदुस्तान..

Sunil Kumar said...

हिंदी हमारी मातृभाषा है हिंदी भाषा को नमन और आपको बधाई अच्छे कार्य के लिए ...

राज भाटिय़ा said...

बहुत सुंदर लेख, ओर अति सुंदर विचार ओर सुंदर चित्र, धन्यवाद

शोभना चौरे said...

बहुत अच्छा लगा हिंदी की लोकप्रियता देखकर |बहुत बहुत आभार इस जानकारी के लिए |
जय भारत |हिंदी भाषा कीजय|

वन्दना अवस्थी दुबे said...

शानदार रपट. तस्वीरों ने तो पोस्ट की शोभा दोगुनी कर दी, बाहर रह के अपनी भाषा की सेवा करना अनुकरणीय है.

जयकृष्ण राय तुषार said...

alpanaji namaskar bahut sundar post saath hi bahut sundar jankari aabhar

जयकृष्ण राय तुषार said...

alpanaji namaskar bahut sundar post saath hi bahut sundar jankari aabhar

चैतन्य शर्मा said...

सक्रांति ...लोहड़ी और पोंगल....हमारे प्यारे-प्यारे त्योंहारों की शुभकामनायें......सादर

Rahul Singh said...

सफल आयोजन की बधाई.

दर्शन लाल बवेजा said...

आपको बधाई इस अच्छे कार्य के लिए ...
धन्यवाद

सुज्ञ said...

हिन्दी उत्थान को समर्पित,शानदार आयोजन।
आपका योगदान भी प्रशंसनीय है।

राज भाटिय़ा said...

लोहड़ी, मकर संक्रान्ति पर हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई

: केवल राम : said...

हिंदी भाषा जन जन की भाषा ....हर एक के मन को भाने वाली भाषा ..और उस पर आपका यह भव्य शानदार आयोजन ..किस तरह से अपनी भावनाओं को अभिव्यक्त करूँ ..बहुत हर्षित हुआ मन ..रोचक पोस्ट को पढ़कर और समारोह की झलकियाँ देखकर ..आपका बहुत बहुत आभार "अल्पना" जी इस महत्वपूर्ण समारोह से रुबरु करवाने के लिए ...

Kajal Kumar said...

हम्म...लोकेश बाबू को पुरूस्कार वितरण के लिए वहां होना चाहिये था, भले ही कन्नडभाषी हैं तो भी क्या हुआ :)

Kailash C Sharma said...

हिंदी के प्रसार में आपके प्रयास को बधाई..

अल्पना वर्मा said...

@काजल जी ,हमने भी उन्हें उस दिन वहाँ कहीं देखा नहीं.कुछ कारण रहा होगा.
हम ने कारण जानने का प्रयास भी नहीं किया क्योंकि अनुजा जी तो थी ही वहाँ ..

अमिताभ श्रीवास्तव said...

मुझे कभी कभी यह लगता है कि विदेशों में हिन्दी को लेकर जितना उत्साह है और इसके विकास पर कार्य हो रहे हैं, उतने भारत में नहीं हो रहे। होते हैं किंतु यहां हिन्दी को लेकर खुल जाते हैं मठ और फिर छनती हैं राजनीति..।
सुखद लगता है कि आप भी उनमें से एक हैं जो हिन्दी की ध्वजा को ऊंचा उठाये हुए पूरे विश्व को हिन्दी के प्रति उत्साहित कर रही हैं। मेरी ओर से शुभकामनायें

उपेन्द्र ' उपेन ' said...

जय हो हिंदी की ......हिंदी ऐसे ही पैर पसारती रहे........... सुन्दर प्रस्तुति.

नये दशक का नया भारत ( भाग- २ ) : गरीबी कैसे मिटे ?

mehhekk said...

hindi par hum sabhi ko garv hai,makar sankranti ki aapko bahut badhai.sadar mehek.

Vijai Mathur said...

विदेशों में हिन्दी के प्रसार हेतु प्रयासों का वर्णन पढ़ कर संतोष हुआ और खुशी भी कि आपका इसमें सक्रीय योगदान रहा तथा आपको वांछित सम्मान प्राप्त हुआ.

शाहिद मिर्ज़ा ''शाहिद'' said...

बहुत अच्छी रिपोर्ट है...हिन्दी हमारी आन-बान-शान है.

Mukesh Kumar Sinha said...

kash ye hindi jan jan tak faile..lekin ye sach hai nahi...viswa me teesra sthan islye hain kyonki hamara uttar bharat hi itna bada hai ki aadhe Europe jaisa hai...:)

fir bhi koi nahi.......kabhi to wo mukkamal sthan milega..!!

bahut achchhi report...photos bhi achchhe hai..........!

Kunwar Kusumesh said...

हिंदी के प्रति आपका अगाध प्रेम और समर्पण वन्दनीय है

डॉ .अनुराग said...

अच्छा है.....बात सिर्फ हिंदी के विस्तार के अलावा...हिंदी के उन क्षेत्रो तक पहुचने की भी है .जो वाकई इस भाषा ओर संस्क्रति के गौरवशाली अतीत को पकड़ने की कोशिश करते है ...आप जैसे लोग जब तक विदेशो में रहेगे हिंदी भाषा को विस्तार मिलता रहेगा

amit-nivedita said...

बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएं ।

सुमन'मीत' said...

बहुत बहुत बधाई......जय हिन्द

mark rai said...

बहुत ही प्रभावशाली रचना
उत्कृष्ट लेखन का नमूना
लेखन के आकाश में आपकी एक अनोखी पहचान है ..

रचना दीक्षित said...

सराहनीय प्रस्तुति.तस्वीरों ने तो मजा दुगना ही कर दिया. इस अच्छे प्रयास के लिए मेरी तरफ से भी बधाई स्वीकारें

प्रज्ञा पांडेय said...

karykram kii vistrit report aur itane chitra dekh kar man utphull ho gaya .. hindi ki chaap door door tak hai .. aapko is prastuti ke liye badhaayi..

Arvind Mishra said...

इस सुन्दर चित्रमय रिपोर्ट के लिए आभार ... आपकी गरिमापूर्ण उपस्थिति प्रभावित कर रही है!

आशीष मिश्रा said...

जय हिन्दी

सुन्दर रिपोर्ट

रंजना said...

वाह...सराहनीय !!!

हिन्दी भाषा के समृद्धि में परोक्ष अपरोक्ष सहभागिता निभा ही हम मातृ ऋण का कुछ अंश चुका पाएंगे..

दिगम्बर नासवा said...

ये तो बहुत ही अच्छी खबर है ... अभी १६ जनवरी को मैं भी हिंदी के एक ऐसे ही कार्यक्रम में जज बना था ... डी.पी.एस. शारजाह में ....
उन्होंने ने भी अंतर-विद्यालय प्रतियोगिता आयोजित की थी ... उसी दोरान पूर्णिमा जी से भी मिलना हुवा ... वो भी अपने स्तर पर हिंदी के प्रसार के लिए कार्य करती रहती हैं ....
अगर संभव हुवा तो एक जगह मिल कर कुछ बात चीत करते हैं और जो भी संभव है .... करने की कोशिश करते हैं ...

हरकीरत ' हीर' said...

संयुक्त अरब एमिरात में इस वर्ष अबू धाबी स्थित भारतीय दूतावास में विश्व हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में जनवरी १२ को एमिरात के भारतीय स्कूलों के छात्रों के बीच वाद विवाद प्रतियोगिता का आयोजन करवाया गया.

मेरा सौभाग्य रहा कि मुझे इस प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में शामिल किया गया .

वाह ....!!
अल्पना जी बेहद ख़ुशी होती है आपको यूँ सफलता की सीढियां चढ़ते देख .....
आप तो ब्लॉग जगत की शान हैं .....

राजीव थेपड़ा said...

hindi kee is sahabhaagini ko hamara namaskaar.....

शरद कोकास said...

बढ़िया रपट है । अच्छा लगा कि हिन्दी के विकास के लिए इतने लोग प्रयत्नशील हैं

Dr (Miss) Sharad Singh said...
This comment has been removed by the author.
Dr (Miss) Sharad Singh said...

अल्पना जी, हिन्दी के प्रति आपका प्रेम प्रशंसनीय है। विदेश में रह कर आप, कृष्ण बिहारी जी जिस समर्पित भाव से हिन्दी की श्रीवृद्धि कर रहे हैं वह स्तुत्य है। आपका स्वर बहुत मधुर है। यूं ही गाती गुनगुनाती रहिए और यूं ही लिखती रहिए। मॉडल विवेक बाबाजी के दर्दनाक अंत के बारे में पढ़ कर मुझे भी बहुत दुख हुआ। आधुनिकता अथवा डिप्रेशन किसी भी हाल में किसी को भी यह रास्ता नहीं अपनाना चाहिए।

vijaymaudgill said...

mera deen-imaan hai hindi. geeta, grahnth kuraan hai hindi.
bahut-2 badhai ho alpna ji.

mridula pradhan said...

padhkar,jankar bahut khushi hui.

Ankur jain said...

सुन लो भैया, दे दो तान
हिन्दी-हिन्दू-हिंदुस्तान..

Radhe Radhe Satak Bihari said...
This comment has been removed by a blog administrator.
ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ said...

जय हिन्‍दी, जय हिन्‍दुस्‍तान।

---------
क्‍या आपको मालूम है कि हिन्‍दी के सर्वाधिक चर्चित ब्‍लॉग कौन से हैं?

ज्योति सिंह said...

hame to naaz hai tum par ,bahar rahkar bhi desh ki garima banaye huye ho ,tarif karoon main kiski ,har cheej laazwaab hai .bahar gayi rahi 3-4 din pahle lauti aur tumhe tasvir ke saath paya achchha laga .vande matram .jai hind ,is parv ki badhai .

Vijai Mathur said...

आप सब को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभ कामनाएं.

यशवन्त माथुर said...

आप सब को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभ कामनाएं.
सादर
------
गणतंत्र को नमन करें

Kunwar Kusumesh said...

गणतंत्र दिवस की आपको हार्दिक शुभकामनायें.

Udan Tashtari said...

गणतंत्र दिवस पर आपको शुभकामना

RAJEEV KUMAR KULSHRESTHA said...

बेहतरीन एवं प्रशंसनीय प्रस्तुति ।

: केवल राम : said...

आपकी पोस्ट दुबारा पढ़कर कुछ नयी बातें सीखने को मिली ...आपके इस प्रयास के लिए आपको तहे दिल से शुभकामनायें

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार said...

आदरणीया अल्पना जी
नमस्कार !

आशा है , सपरिवार स्वस्थ - सानन्द हैं ।
पूरे ब्लॉग जगत भर में आपकी कहीं उपस्थिति आजकल नज़र न आने के कारण आपकी बहुत याद आने पर यहां दुबारा आया तो , अपनी टिप्पणी ही नहीं दिखने पर स्मृति पर जोर डाला … लिखा तो था , नेट की समस्या के चलते शायद तब मेरा कमेंट पब्लिश नहीं हुआ था … बाद में , मैं विस्मृत हो गया शायद । … ख़ैर !

जानकारी बढ़ाने वाली उपयोगी पोस्ट के लिए पुनः बधाई !
हीरजी ने सच ही कहा है - आप तो ब्लॉग जगत की शान हैं…! बहुत बहुत शुभकामनाएं !

नई पोस्ट की प्रतीक्षा है …

गणतंत्र दिवस सहित आने वाले पर्वों- त्यौंहारों की हार्दिक बधाई और मंगलकामनाएं !
- राजेन्द्र स्वर्णकार

Madhav said...

हमें हिंदी भाषा पे नाज़ है|

Madhav's Magic Blog

Deepak Shukla said...

नमस्कार..

आज काफी समय उपरांत पुनः उपस्थित हुआ और यह मेरा सौभाग्य की मुझे मेरी मात्रभाषा पर यह लेख पढने को मिला...

यह जानकर सुखद आश्चर्य हुआ की विदेशों मैं भारत से भी ज्यादा हिंदी भाषा के प्रति समर्पण की भावना है... इस परिपेक्ष मैं मुझे हिंदी पर लिखी एक कविता का स्मरण हो आया...

"आओ हम सब मिलकर के..
"हिंदी" को सफल बनायें हम...
भारत के हर जन-जन तक...
"हिंदी" को पहुंचाएं हम....

आपका धन्यवाद की आपने हमें इस आयोजन मैं अपने साथ शामिल होने का अवसर दिया...

दीपक...

वृक्षारोपण : एक कदम प्रकृति की ओर said...

आपके माध्यम से हिन्दी के वैश्विक प्रचार-प्रसार सम्बन्धी गतिविधियों से हम परिचय प्राप्त करते हैं।आपका यह कार्य बहुत ही सराहनीय है।



आपसे एक निवेदन:-
मैं वृक्ष हूँ। वही वृक्ष, जो मार्ग की शोभा बढ़ाता है, पथिकों को गर्मी से राहत देता है तथा सभी प्राणियों के लिये प्राणवायु का संचार करता है। वर्तमान में हमारे समक्ष अस्तित्व का संकट उपस्थित है। हमारी अनेक प्रजातियाँ लुप्त हो चुकी हैं तथा अनेक लुप्त होने के कगार पर हैं। दैनंदिन हमारी संख्या घटती जा रही है। हम मानवता के अभिन्न मित्र हैं। मात्र मानव ही नहीं अपितु समस्त पर्यावरण प्रत्यक्षतः अथवा परोक्षतः मुझसे सम्बद्ध है। चूंकि आप मानव हैं, इस धरा पर अवस्थित सबसे बुद्धिमान् प्राणी हैं, अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि हमारी रक्षा के लिये, हमारी प्रजातियों के संवर्द्धन, पुष्पन, पल्लवन एवं संरक्षण के लिये एक कदम बढ़ायें। वृक्षारोपण करें। प्रत्येक मांगलिक अवसर यथा जन्मदिन, विवाह, सन्तानप्राप्ति आदि पर एक वृक्ष अवश्य रोपें तथा उसकी देखभाल करें। एक-एक पग से मार्ग बनता है, एक-एक वृक्ष से वन, एक-एक बिन्दु से सागर, अतः आपका एक कदम हमारे संरक्षण के लिये अति महत्त्वपूर्ण है।

संतोष पाण्डेय said...

आपके प्रयास को बधाई.शुभकामनाएं.

Ankita said...

bahut bahut badhayaee Mam'.

Kunwar Kusumesh said...

हिंदी पर आपकी विशेष प्रस्तुति बहुत अच्छी लगी.

sagar said...

Hame aapar garv hai,

sabse pahle janakri purn post ke liye bahut-2 badhai.

धीरेन्द्र सिंह said...

हिंदी के लिए आपकी लगन और प्रयास सराहनीय हैं. कृपया इस गति को बनाये रखिये क्योंकि कल हिंदी को सँभालने के लिए आप जैसे विदेश में रह रही प्रतिभाओं की बहुत ज़रूरत होगी.

Anonymous said...

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Mrs. Asha Joglekar said...

विश्व हिंदी दिवस के समारोह के सफल आयोजन पर बधाई । आप अरब देशों में भी अपनी भाषा के विकास के लिये कार्यरत हैं जान कर अच्छा लगा । समारोह की तस्वीरों से प्रसंग साकार हो गया ।

Harsh said...

jai hind. jai hindi

ममता त्रिपाठी said...

हिन्दी के संवर्द्धन हेतु आपका कार्य प्रशंसनीय एवम् अनुकरणीय है।

afsarpathan said...

aap ke zazbe ko salam
kafi sundar aur sarahniy.

shukriya comment aur disha nirdesh ki khatir.

apna email address zaroor mail karen

mafsarpathan@gmail.com

daanish said...

जानकारी-भरा सम्पूर्ण आलेख
सुन्दर चित्रावली
जय हिंदी जय हिंद .

Abnish Singh Chauhan said...

आप अच्छा काम कर रहीं हैं. बधाई स्वीकारें. अवनीश सिंह चौहान

JHAROKHA said...

alpana di
sarv pratham xhma chahte hue aapko hardik badhai deti hun.
xhma isliye mang rahi hun ki idhar swasthy theek na hone ke karan kisiblog par nahi ja pa rahi hun.
atah aapke bhi blog par bahut dino baad aai hun .
sach yah ham sabhi ke liye garv ki baat hai ki hamaari hidi bhashha ka vistaar videsho me bhi teji se badh raha hai .
aapne to is awsar ka bharpur aanad liya,chaliye hamne yahan se baithe -baithe hi us behtreen najaare ko dil se mahsus kiya .
iske liye aap ko badhai ---
poonam

Rahul said...

एक भाषा का औचित्य यही है की वो संपर्क स्थापित करने में सछम हो. || जो भाषा बदलते समय के अनुसार अपने को ढलेगी वही जिंदा रहेगी .

सुलभ said...

आबूधाबी समारोह का बहुत बढ़िया रिपोर्ट प्रस्तुत किया है आपने.

देश का स्वाभिमान है आधार है हिंदी।। ये बात सब समझ ले तो हमारी प्रगति बहुत तेजी से होगी.

vijaymaudgill said...

alpna ji kush likhiye. lamba gap ho gaya apka likha parh kar rooh ko sakoon milta hai.

shukriya

ज्योति सिंह said...

mahila divas ki dhero badhai is mitr ki or se .

शोभना चौरे said...

shubhkamnaye

राजेन्द्र राठौर said...

bahut sundar

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार said...

आदरणीया अल्पना जी
सादर सस्नेहाभिवादन !

बहुत समय हो चुका है … आपकी रचनाओं के लिए तरस रहे हैं :)

कोई ताज़ा गीत ही सुनने के लिए लगादें , वैसे जब-जब आपकी नई रचना की प्यास लिए आया हूं , तब-तब आपके गाए कुछ चिर युवा मधुर गीतों से भरपूर तृप्त हो'कर ही लौटा हूं

अब ख़ज़ा्ना टटोलूंगा आपके ब्लॉग पर आपके सुरीले नग़मों का …

…और आप स्वीकार करें तीन दिन पहले आ'कर गए

विश्व महिला दिवस की हार्दिक बधाई !
शुभकामनाएं !!
मंगलकामनाएं !!!

♥मां पत्नी बेटी बहन;देवियां हैं,चरणों पर शीश धरो!♥


- राजेन्द्र स्वर्णकार

अल्पना वर्मा said...

@विजय जी और राजेंद्र जी ,ख्याल बेतरतीब हैं और व्यस्तता के घेरे हैं .प्रयास रहेगा कि जल्दी ही कुछ लिखूं.

आभार और शुक्रिया कि आप को मेरी अगली पोस्ट का इंतज़ार है.

Asha Joglekar said...

अल्पना जी विश्व हिंदी दिवस आप लोगों ने अबूधाबी में इतने धूमधाम से मनाया बहुत ही सुखद आश्चर्य लगा । आप सब आयोजन कर्ताओं को बधाई ।

ghazalganga said...

विदेश में रहकर अपने देश अपनी भाषा से आपका प्रेम सराहनीय है
--देवेंद्र गौतम

muskan said...

आपको एवं आपके परिवार को होली की हार्दिक शुभकामनायें!

YUSRAN said...

अभिवादन दोस्ती
हुत बहुत बधाई......जय हिन्द

http://yusdinu.blogspot.com

यशवन्त माथुर said...

आप को सपरिवार होली की हार्दिक शुभ कामनाएं.

सादर

BrijmohanShrivastava said...

होली का त्यौहार आपके सुखद जीवन और सुखी परिवार में और भी रंग विरंगी खुशयां बिखेरे यही कामना

वन्दना अवस्थी दुबे said...

रंग-पर्व पर हार्दिक बधाई.

: केवल राम : said...

आपको सपरिवार होली की हार्दिक शुभकामनायें

सुलभ said...

आपको होली की रंगारंग शुभकामनाये!!

antas said...

thankyou so much for your visit to my blog

शिक्षामित्र said...

विडंबना यह है कि एक तरफ हम दूसरे देशों के विश्वविद्यालयों में हिंदी की पढ़ाई शुरू होते देख रहे हैं तो दूसरी तरफ भारत में ही उसकी उपेक्षा होते।

Radhe Radhe Satak Bihari said...
This comment has been removed by a blog administrator.
BrijmohanShrivastava said...

गृहस्थी है ,बहुत सारे काम रहते है,उलझने भी आजाती है कभी कभी वरना साहित्यकार अपनी कृति, रचना से पाठकों को क्यों वंचित करेगा? ईश्वर से प्रार्थना आप सपरिवार स्वस्थ्य और सानंद हों ।

veerubhai said...

"Hindi bhaashaa sabki aashaa "-achchhaa lagaa .
ek shair :
"kitne shahri ho gaye logon ke zazbaat ,
Hindi bhi karne lagi ,amgrezi me baat ."
veerubhai .

ईं.प्रदीप कुमार साहनी said...

ये सब जन के अच्छा लगा |

मेरे ब्लॉग में भी आयें-

मेरी कविता:राष्ट्रभाषा हिंदी

Vinnie Pandit said...

बहुत सुन्दर लेख और सुन्दर चित्र

आभार,

विन्नी