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January 18, 2010

राग खमाज में ठुमरी[पंडित उपेन्द्र भट] और मिस्र का लोक नृत्य



संगीत से लगाव है और हमेशा से मन में एक इच्छा थी कि कभी कोई बहुत अच्छा कार्यक्रम लाइव सुन सकूँ.
शास्त्रीय संगीत की समझ न होते हुए भी इसे सुनने में आनंद की अनुभूति होती ही है.
हाल ही में एक ऐसा ही अवसर प्राप्त हुआ जब हमारे एक परिचित के घर पर[अलएन में ] पंडित उपेन्द्र भट जी का आना हुआ और उनके घर पर ही एक छोटी सी अनौपचारिक संगीत सभा का आयोजन हुआ, जिसमें उनका गायन सुनकर सभी मंत्रमुग्ध हो गए.
कर्णाटक के मूल निवासी परन्तु वर्तमान में पुणे settled पंडित उपेन्द्र भट जी शास्त्रीय संगीत के बेहद गुणी कलाकार हैं.वे हिन्दुस्तानी संगीत शैली के प्रख्यात शास्त्रीय गायक भारत रत्न पंडित भीमसेन जोशी जी के शिष्य हैं.अपने गुरु की तरह ही उपेन्द्र जी को भी खयाल गायन के साथ-साथ ठुमरी और भजन में महारत हासिल है.
किराना घराने के living legend के रूप में जाने जाने वाले पंडित उपेन्द्र भट जी की सुमधुर गायकी आप भी सुनिये .

Audio player-


[मैं उनकी गाई केवल एक ठुमरी ही रिकॉर्ड कर पाई,वही प्रस्तुत है जो कि राग खमाज में है.]
प्रस्तुत विडियो दो भागों में हैं.
Part-1

Part-2

....................................................................................................................................

कुछ दिन पूर्व एक पारिवारिक मेले [family fair]के आयोजन में जाना हुआ वहाँ मिस्र देश का एक परम्परागत लोक नृत्य'तानूरा ' देखा ,रिकॉर्ड किया आप भी देखना चाहें तो यह विडियो आप के लिए है-


44 comments:

डॉ. मनोज मिश्र said...

ठुमरी तो मन मोह गयी,मिस्र देश का परम्परागत लोक नृत्य'तानूरा ' भी काफी कुछ हम लोंगों के यहाँ के लोक -नृत्य से मिलता जुलता है.
प्रस्तुति बढिया रही ,धन्यवाद.

डॉ महेश सिन्हा said...

खूबसूरत

तनु श्री said...

वाकई खूबसूरत.

ताऊ रामपुरिया said...

प.भट्ट को लाईव सुनना एक उपलब्धि है और वो भी इतनी निजी संगीत महफ़िल में.

यह लाइव विडियो और नृत्य का विडियो देखना सुनना परम आनंदित कर गया. बहुत आभार आपका.

रामराम.

Udan Tashtari said...

वाह!! आपका बहुत बहुत बहुत आभार ...आनन्द आ गया!!

Kishore Choudhary said...

वाकई नृत्य और संगीत, देश काल की सीमाओं से परे होते हैं
बहुत सुंदर पोस्ट. इतनी बढ़िया सांस्कृतिक जानकारी हम तक पहुँचने का आभार.

RAJ SINH said...

आपकी किस्मत से रश्क हो रहा है अल्पनाजी .पंडित भट्ट को लाईव सुनने का मौका मिला ..................और हमसे भी बांटने का शुक्रिया .

रंजना said...

Aapki yah post aisi nahi ki ek hi baar suni/padhi jaye...
Sanrakshit kar liya hai,baar baar anandit hone ke liye...

Aapka kotishah aabhar....

मीत said...

वाह... सुंदर....
परिचय करवाने के लिए शुक्रिया...
मीत

रंजना [रंजू भाटिया] said...

बहुत बढ़िया दोनों ही .शुक्रिया इसको यहाँ दिखाने के लिए

रचना दीक्षित said...

वाह !!!!! बेमिसाल

शाहिद मिर्ज़ा ''शाहिद'' said...

अल्पना जी, आदाब
शास्त्रीय संगीत की जानकारी देने और सुनवाने के लिये आभार

दिगम्बर नासवा said...

ठुमरी का लिंक दिखा नही ........ शायद दुबारा आने पर नज़र आए ........... मिस्र के लोकगीत को पहले भी देख है आज दुबारा देख कर बहुत मज़ा आया ..........

बूझो तो जानें said...

Bahut- bahut badhai,is sundar prastuti ke liye.

BrijmohanShrivastava said...

भट जी पहले ही कह चुके ठुमरी मे शास्त्रीय संगीत है ,श्रंगार रस है सब कुछ है और कुछ भी नही है , । राग के वाबत मुझे जानकारी नही है, लेकिन ठुमरी अच्छी लगती है, बशर्ते कि कोई बतला दे कि यह जो गाई जा रही है वह ठुमरी है । ,गुलाम अली साहब ने भी कुछ गाई हैं ,बेगम अख्तर साहिबा ने भी ।ठुमरी , दादरा ,खयाल इनमें अन्तर समझ मे नही आता है ,लेकिन क्लासिकल राग पर आधारित गाने तो अच्छे भी लगते है समझ मे भी आते है । प्योर क्लासिकल समझ नही पाता हूं

Arvind Mishra said...

वाह -आभार आपका ! मनोज कह ही चुके हैं !

मनोज कुमार said...

बेहतरीन। बधाई।

दिलीप कवठेकर said...

व्यक्तिगत रूप से मेहफ़िल में शिरकत नहीं कर पाये, मगर आपकी वजह से यूं लगा कि हम भी वहां मौजूद थे. आभार.

पंडितजी की गायन शैली में काफ़ी गुरुजी की गायकी के दर्शन होतें हैं.

मिस्त्र के परंपरागत नृत्य शैली तानुरा बडी ही लुभावनी लगी. अगले महिने मिस्त्र जाने के पहले ये जानना बधिया रहा. इसके बारे में और जानकारी दें तो और मज़ा आ जायेगा.

राज भाटिय़ा said...

बहुत सुंदर लगी आप की यह महफ़िल

kavita said...

पंडित उपेंद्र जी की गायी ठुमरी सुन कर बहुत आनंद आया.
धन्यवाद

सुलभ 'सतरंगी' said...

पंडित उपेंद्र जी की गायी ठुमरी सुन दूरदर्शन की प्रस्तुति याद आ गयी...

सभी रेकॉर्डिंग achche lage.

डॉ .अनुराग said...

शास्त्रीय संगीत की इतनी गहरी समझ नहीं है .बस जो कर्ण प्रिय लगता है उसे सुन लेता हूँ....

दिगम्बर नासवा said...

आनंद आ गया इस ठुमरी में ......... अभी भी मज़ा ले रहा हूँ ........ पंडित उपेंद्र जी की गाइ इस ठुमरी को सुन कर लग रहा है जैसे संगीत की धारा बह रही है ............

psingh said...

अल्पना जी
वाह वाह बेहतरीन ठुमरी सुनाने के लिए
उपेन्द्र जी और आप का बहुत बहुत आभार

प्रकाश पाखी said...

पंडित जी की ठुमरी मन भावन लगी हालांकि मुझे शास्त्रीय संगीत की समझ नहीं है...मिस्र का तनूरा नृत्य नई चीज लगी..इस तरह की और पोस्टों का इन्तजार रहेगा!आभार!!

Harsh said...

tumri achchi lagi.sangeet ki jaankari ke liye aapka abhar.....

Harsh said...

tumri achchi lagi.sangeet ki jaankari ke liye alpana ji aapka aabhar...........

हरकीरत ' हीर' said...

बहुत खूब .....!!

खुशनसीब हैं आप जो ऐसे कार्यक्रमों में शिरकत करने का मौका मिलता है ......!!

वन्दना अवस्थी दुबे said...

वाह मज़ा आ गया अल्पना जी. हम भी इस आयोजन में शामिल हो गये. ठुमरी गायन तो शास्त्रीय गायकों को भी बहुत पसंद होता है. श्रोता तो पसंद करते ही हैं.

Anonymous said...

waah!kya baat hai!
anand aa gya.

काजल कुमार Kajal Kumar said...

नृत्य-गीत-संगीत तो सब बल्ले बल्ले..
जल्दी वापिस भी लौटियेगा.

Mrs. Asha Joglekar said...

वाह आपकी वज़ह से हमने भी ठुमरी का आनंद उठाया । भट जी की शैली भीमसेन जोशी जी से काफी मिलती है ।
मिस्त्री नृत्य भी अच्छा लगा । कुछ कुछ
घूमर नृत्य की तरह ।

Anonymous said...
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प्रसन्न वदन चतुर्वेदी said...

एकदम सही बात.....

प्रसन्न वदन चतुर्वेदी said...

एक उम्दा प्रस्तुति.....शुभकामनायें....

वन्दना अवस्थी दुबे said...

गणतंत्र दिवस की शुभकामनायें

P.N. Subramanian said...

भट्ट जी को पहली बार ही सुना है. पंडित भीमसेन जी का तो लम्बा कोल्लेक्तिओन हमारे पास है. लोकनृत्य भी अच्छा लगा. यहाँ भोपाल में एक मानव संग्रहालय है. बहुत ही विशाल. वहां विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम होते रहते हैं. कुछ बेहतरीन लोक नृत्य youtube में हैं. अंग्रेजी में मानव संग्रहालय सर्च करें. आभार.

sandhyagupta said...

Wakai mantramugdh sa kar diya.

ज्योति सिंह said...

vande matram ,sangeet to jindagi hai sukoon hai ,badhiya jaankari aur madhur swar .

MUFLIS said...

bahut hi
achhee
anoothi
aur anupam prastutee.
aabhaar .

Ram Krishna Gautam said...

Very Nice..


Dear Alpana ji,


कुछ दिनों पहले मेरी आईडी हैक कर ली गई। मैंने काफी प्रयास किया लेकिन उसे वापस पाने में असमर्थ रहा। आईडी हैक हो जाने की वजह से मैं अपने ब्लॉग http://koitohoga.blogspot.com/ को एक्सेस नहीं कर पा रहा हूँ... इसलिए मैंने नया ब्लॉग http://dhentenden.blogspot.com बना लिया है। उम्मीद करता हूँ कि मेरे इस ब्लॉग को भी आप लोगों का वही प्यार मिलता रहेगा!!!


Regards

Ram K Gautam

JHAROKHA said...

Aadarniya kalpana ji,
bhut deeno baad aaoke blog par aai. chhma chahati hun.vase mujhe raagon ki jaankariya kam hi hai .par jo kuchh bhi padha va suna wo. mere anubhav aur path pradarshk dono hi ban gaye. es sundar prastuti ke liye dil ki gaharaiyon se abhar.
poonam

JHAROKHA said...

aadarniy kalpana ji, bahut dino baad aapnke blog per aai . iske liye kshama chahati hu.wese raagon k baare me mujhe jada jaankaari nahi hai fir bhi jo kuch padha or suna wo dono hi mere liye prernadayii rahe . is sundar prastuti ke liye dhabyawaad

SR Bharti said...

Wah , Alpana Ji
Apke blog ko dekhne ka su-avsar mila. Adhik rochak tatha jankari se ot-prot hai.

Naye-Naye roopon se gyat karate rahiye.
Bahut-Bahut Badhai.