सेल्फ़ी लेते समय तीन लडकियाँ समुद्र में डूबीं और उन्हें बचाने के लिए गया युवक भी लापता !यह कल ही का समाचार था जिसे सुनकर मैं एक बार फिर सोच में पड़ गयी कि आखिर यह लत है या बीमारी? इससे पहले भी आये दिन सेल्फ़ी लेते हुए दुर्घटनाओं की खबरें पढ़ी हैं लेकिन पिछले कुछ दिनों से यह कुछ ज्यादा ही होने लगी हैं.यकीनन यह चिंता का विषय है.
स्वदेश वापसी /दुबई से दिल्ली-'वन्दे भारत मिशन' Repatriation Flight from UAE to India
'वन्दे भारत मिशन' के तहत स्वदेश वापसी Covid 19 के कारण असामान्य परिस्थितियाँ/दुबई से दिल्ली-Evacuation Flight Air India मई ,...
January 11, 2016
December 31, 2015
'जाते हुए ये पल-छिन'
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| [Pic by me In Green Mubazarrah Al Ain- morning at7 Am] |
समय अपनी गति से चलता रहता है .यह किसी का गुलाम नहीं है ,शुक्र है समय की गति को नियंत्रित करने का या अपने मन मुताबिक़ चला सकने का कोई यंत्र इंसान ने इजाद नहीं किया और न ही शायद कभी कर सकेगा.
अंग्रेजी नए साल २०१६ आज रात्रि बारह बजे के बाद शुरू हो जाएगा और इसका स्वागत भव्य तरीके से करने के लिए सभी ने अपने स्तर पर तैयारियाँ भी कर ही ली होंगी.
२०१५ का उत्तरार्ध मेरे लिए काफी पेचीदा रहा..इतनी भाग दौड़ पिछले कई वर्षों में कभी नहीं की होगी.जुलाई में शुरू की गयी यात्रा ने मुझे पहियों पर बैठाए रखा ..यह वर्ष कई मायनों में मेरे लिए काफी महत्वपूर्ण रहा .
जुलाई माह में विपासना शिविर से जुड़ने का सपना पूरा हुआ ,जब से विपसना ध्यान पद्धति के विषय में अंतर्जाल पर पढ़ा था तब से उत्सुकता थी और साथ ही कुछ था भीतर जो मुझे इस शिविर में जाने को प्रेरित कर रहा था.१० दिन का अनुभव मन में स्थिरता लाने में सहायक हुआ साथ ही जीवन की एक बड़ी सच्चाई से रूबरू करवा गया कि सब कुछ परिवर्तनशील है..इस कथन को महसूस किया.
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