स्वदेश वापसी /दुबई से दिल्ली-'वन्दे भारत मिशन' Repatriation Flight from UAE to India

'वन्दे भारत मिशन' के तहत  स्वदेश  वापसी   Covid 19 के कारण असामान्य परिस्थितियाँ/दुबई से दिल्ली-Evacuation Flight Air India मई ,...

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August 8, 2013

सात हाइकु

अगस्त शुरू हुए एक हफ्ता गुज़र गया ,स्कूलों के ग्रीष्म अवकाश की आधी अवधि भी समाप्त हो गयी !छुट्टियाँ शुरू होने से पहले ही कई योजनाएँ बनती हैं कि ये करेंगे वो करेंगे ..मैंने भी बनायी थीं कई सारी.… .कुछ पूरी हुईं अधिकतर  अधूरी हैं..

जैसे कई किताबें रखी थीं अलमारी से निकाल कर.. मेज़ पर सामने कि सब को इस बार पढ़ सकूँगी लेकिन लगता नहीं कि इस बार भी इन्हें पूरा कर सकूँगी ! छुट्टियों का आखिरी महीना वैसे भी बहुत तेज़ी से ख़तम हो जाता है. कुछ हायकु लिखे थे ..उन में से ७ आज प्रस्तुत हैं.....
 हाइकु  .. --; 
१-
तप्त गगन 
अतृप्त वसुंधरा 
बिरहनी सी 

२-
हताश हल 
हारे कृषक दल
बंजर धरती !


३-
ओस की बूँदें 
चमकते से मोती 
रोई थी रात 


४-
न कहा -सुना 
गलतफहमियाँ
टूटे संबंध 

५-
विदाई गीत

नवजीवन प्रवेश

छूटा पीहर  

६-
सूर्य अगन 
व्याकुल संसार 
बरसों मेघ! 

७-
निशब्द दोनों 
होता रहा  संवाद 
प्रीत उत्पन्न
~~-अल्पना वर्मा ~~

जो पाठक इस विधा के विषय में नहीं जानते उनके लिए हाइकु कविता  के संबंध में संक्षिप्त जानकारी-:
  • हाइकु/हायकू  हिन्दी में १७ अक्षरों में लिखी जानेवाली सब से छोटी कविता है
  • तीन पंक्तियों में पहली और तीसरी पंक्ति में ५ अक्षर और दूसरी पंक्ति में ७ अक्षर होने चाहिये
  • संयुक्त अक्षर ex:-प्र. क्र , क्त ,द्ध आदि को एक अक्षर/वर्ण गिना जाता है
  • शर्त यह भी है कि तीनो पंक्तियाँ अपने आप में पूर्ण हों.[न की एक ही पंक्ति को तीन वाक्यों में तोड़ कर लिख दिया.]
  • हाइकु कविता ' क्षणिका' नहीं कहलाती क्यूंकि क्षणिका लिखने में ये शर्तें नहीं होतीं।