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August 10, 2016

माही--एक लघु फिल्म-एक प्रयास

अपनी लिखी एक छोटी सी कहानी को फिल्म के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया है.
आशा है आपको पसंद आएगा....

अवधि-3 मिनट ४० सेकंड     Time: 3 Minutes 40 Sec

इंटरनेट की स्पीड धीमी है और फिल्म अगर लोड  न हो रही हो तो  विडियो सेटिंग में quality२४० कर लें इससे  फिल्म जल्दी load हो जायेगी.

अपने सुझाव या टिप्पणी अवश्य दीजियेगा.

13 comments:

विकेश कुमार बडोला said...

अच्‍छा प्रयास है।

Alpana Verma अल्पना वर्मा said...

सराहना हेतु धन्यवाद विकेश जी.

yashoda Agrawal said...

वाह...
इस रिसते घाव के साथ उम्र भर रहना होगा...
मार्मिक....
सादर

Kavita Rawat said...

मर्मस्पर्शी प्रस्तुति ..

Dilbag Virk said...

आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 11-08-2016 को चर्चा मंच पर चर्चा - 2431 में दिया जाएगा
धन्यवाद

Alpana Verma अल्पना वर्मा said...

बहुत -बहुत आभार दिलबाग जी.

Alpana Verma अल्पना वर्मा said...

धन्यवाद कविता जी.

Alpana Verma अल्पना वर्मा said...

धन्यवाद यशोदा जी.
सादर

Digamber Naswa said...

अच्छी प्रस्तुति ... मर्म को छूती हुयी ...

Alpana Verma अल्पना वर्मा said...

शुक्रिया दिगंबर जी.

careerheights dehradun said...

congrats a very good attempt

regards,
Deepak kumar
naturecarewellbeing.weebly.com

Unknown said...

nice post.....
Thanks For Sharing

शारदा अरोरा said...

अल्पना जी ,कहानी ...आवाज़ बहुत बढ़िया है, मनस्थिति बयान हो रही है और मर्मस्पर्शी है। आपने इण्डिया आ कर ब्लॉग पर लिखा ही नहीं। परिस्थितियां बदलते ही बहुत कुछ बदल जाता है। मेरे हज्बैंड के रिटायरमेंट के बाद हम भी अभी सेटलमेंट से जूझ रहे हैं ,ब्लॉग लेखन अनियमित हो गया है। आपकी पोस्ट से आपके अन्दर से हिलने वाली स्थिति बयान हो रही है। दरअसल स्वीकार भाव के साथ उस हॉलोनेस को भरने के लिए कहीं खुद को कुछ मोटिवेशन देना पड़ेगा।और कुछ अच्छे से मित्र जो समझ सकें। वैसे ये यात्रा है तो अकेल की ही ना। मेरी बहुत सारी शुभकामनायें।