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February 16, 2018

बहुत प्रभावी ! सभी छात्रों को सुनना चाहिए!

मोदी जी ऐसे ही लोगों को पसंद नहीं हैं.कुछ विशेषताएँ उन्हें औरों से अलग करती हैं , आज उन्होंने 'परीक्षा पर चर्चा ' में छात्रों के प्रश्नों के उत्तर इतने प्रभावी दिए हैं ,
मैं मंत्रमुग्ध होकर सुनती रही और सोचती थी कि ज्ञान तो कई लोगों के पास होता हैलेकिन लोगों से जुड़कर कैसे उस ज्ञान को उन तक पहुँचाया जाए, यह नमो बहुत अच्छी तरह से जानते हैं.
  २ घंटे तक मंच पर खड़े होकर छात्रों के प्रश्नों के उत्तर देना वह भी पूरे आत्मविश्वास और तर्कपूर्ण ढंग से !
 ऐसे हर किसी से कर पाना संभव नहीं है.
आज मैं यह कहने में संकोच नहीं कर रही कि पहली बार देश को ऐसा प्रधानमंत्री मिला है जो छात्रों के मन को उनकी समस्याओं को भी समझता है और मार्गदर्शन करने में समर्थ है.
दुर्भाग्यवश ,मोदी जी से नफरत करने वाले शायद कभी उनका यह सकारात्मक पक्ष देखना ही नहीं चाहते!

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7 comments:

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शनिवार (17-02-2017) को "कूटनीति की बात" (चर्चा अंक-2883) पर भी होगी।
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चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
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हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

Alpana Verma अल्पना वर्मा said...

Thanks Sir!

Shashi said...

nice post !! Hope you are doing good!! Love

careerheights dehradun said...

प्राय अच्छे लोगो को ही अच्छी चीजे पसंद आती है और वोह ही अच्छी चीजों से हमेशा प्रेरणा लेते हैं नकारात्मक प्रवत्ति के लोग या तो अच्छी चीज को इग्नोर कर देते है या फिर उसकी आलोचना करते है ऐसा मैंने महसूस किया हैं ।

Digamber Naswa said...

सहमत पूरी तरह से अओकी बात से ...
नकारात्मक इंसान कुछ देखना भी नहीं चाहते और न ही सुनना ... कई बार तो लगता है अपने आप से खिलवाड़ करने को मजबूर हैं ऐसे लोग ... सिर्फ मोदी गालियों में ही व्यस्त रहते हैं ...

PBCHATURVEDI प्रसन्नवदन चतुर्वेदी said...

पूरी तरह आपसे सहमत हूँ| लोग जादुई चिराग चाहते हैं कि पल में सब कुछ बदल जाएगा| वे बाकी देशों का विकास नहीं देखते कि वे कैसे आगे बढे|अभी तो प्राथमिक सुविधाओं का ही हमारे देश में अभाव है जिसे पूरा करना ही टेढ़ी खीर है.....

Vishwa Mohan said...

वाकई!!!