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November 25, 2012

हाइकु


प्रस्तुत हैं सात हाइकु  .. --; 
१- 

गुम है मीता 


मौन हुई निगाहें

मन भी रीता 

[मीता--सखा /friend]


-

तस्वीर मौन 


अंतहीन प्रतीक्षा 


खुद को भूले !




३-

चलते रहे 

रुकावट राह की 

फिरी नज़र 


४- 

नयन भीगे

सलवटें माथे पे 

कलाई सूनी.



५ -
पाषाण मन 

अंतर बहे लावा 

आँखों का   नीर !



६-
दोराहा आया 

धुंध हुई गहरी 

नहीं हैं ' हम' !



७-

ठहरा पानी 

उनका प्रतिबिम्ब 

घुलता   चाँद 


~~-अल्पना वर्मा ~~

हाइकु कविता  के संबंध में संक्षिप्त जानकारी-:

  • हाइकु/हायकू  हिन्दी में १७ अक्षरों में लिखी जानेवाली सब से छोटी कविता है.

  • तीन पंक्तियों में पहली और तीसरी पंक्ति में ५ अक्षर और दूसरी पंक्ति में ७ अक्षर होने चाहिये.

  • संयुक्त अक्षर ex:-प्र. क्र , क्त ,द्ध आदि को एक अक्षर/वर्ण गिना जाता है.

  • शर्त यह भी है कि तीनो पंक्तियाँ अपने आप में पूर्ण हों.[न की एक ही पंक्ति को तीन वाक्यों में तोड़ कर लिख दिया.]

  • हाइकु कविता ' क्षणिका' नहीं कहलाती क्यूंकि क्षणिका लिखने में ये शर्तें नहीं होतीं



November 22, 2012

छोटी-छोटी बातें



जीवन में घटने वाली छोटी -छोटी घटनाएँ भी कितना कुछ सिखा जाती हैं ,यह पिछले  तीन  दिनों में अनुभव किया। 
बीमार पड़ना या मरीज दिखना/कहलाना  मुझे कतई पसंद नहीं ,बहुत खराब लगता है। 
मंगलवार को खेल के मैदान में  एक खेल के दौरान एक छोटी- सी दुर्घटना  में  मुझे भी थोडा चोट लगी। 
हाल-चाल पूछने वालों का तांता लग गया ! शुभचिंतकों द्वारा हाल-चाल पूछने पर कैसे  लगता है इसका  अनभव हुआ।
[मुझे  याद नहीं कि इस से पहले बीमार ऐसी कभी पड़ी थी कि  इतने लोग हाल-चाल पूछें !]

November 12, 2012

बुरा न मानो ...दीवाली है !




बहुत दिन हुए कोई पोस्ट नहीं लिखी गयी।


सच कहूँ तो जब से ब्लोग्वानी और चिट्ठाजगत जैसे  अच्छे अग्रीग्रेटर चले गए हैं तब से ही  ब्लॉग्गिंग में मेरी नियमितता का अभाव हो गया है।
अब आप कहें इसे बहाना तो बहाना ही समझ लिजीये,अब  किस -किस को सफाई दूँ। 



हाँ ,कुछ उठते -उठते सवाल जो यहाँ -वहां से झांकते हैं ,सोचती हूँ कि  आज इस पावन मौके पर जवाब दे ही दिए जाएँ।