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''यूँ तो वतन से दूर हूँ लेकिन इस की मिट्टी मुझे हमेशा अपनी ओर खींचे रहती है''

June 17, 2010

निर्वात

हर साल की तरह इस बार भी गरमी अपने पूरे शबाब पर है.फ़िर वही चिर परिचित धूल भरी गरम हवाएं.
समाचारों में देख रहे हैं कि भारत में तो बारिशें खूब हो रही हैं .कुछ महीने पहले यहाँ भी हुई थी बारिश एक पूरा दिन !
दो तीन दिन लगातार होती तो कम से कम ये सड़कें ,इमारतें ,पेड़ पौधे सब अच्छी तरह धुल तो जाते !
देखीये इन चित्रों में एक दिन की हलकी मगर पूरे दिन हुई बारिश से क्या हाल हुआ था..