इसे भीतर से देखने के लिए जाति -देश-धर्म आदि का कोई बंधन नहीं है .न ही कोई प्रवेश शुल्क और न ही फोटोग्राफी पर प्रतिबन्ध.इस इबादतगाह की खूबसूरती सभी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है.भवन के भीतर का सौंदर्य तो बेहद मनमोहक है. हम शाम के वक्त यहाँ पहुंचे थे तब शाम की नमाज़ का समय था इसलिए हम तब तक बरामदे ओर वहाँ के खम्बों ओर फव्वारों का आनंद लेते रहे.उसके बाद मस्जिद का भीतरी भाग देखा और वहाँ की खूबसूरती को इन तस्वीरों में क़ैद किया.
चित्रों पर क्लिक कर के उन्हें उनके मूल आकार में देखेंगे तब वास्तविक सुंदरता दिखाई देगी.
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| जी हाँ,ये मैं ही हूँ. |
इस मस्जिद के बारे में कुछ जानकारियाँ-
- यहाँ प्रवेश के लिए कोई टिकट नहीं है .कपड़े शालीन पहने होने चाहिए.
- इसका निर्माण कार्य नवंबर ५ , १९९६ से शुरू हुआ था.
- २००७ को ईद -अल - अधा के दिन से इसे सर्व साधारण के लिए खोल दिया गया था.
- शुरूआत में इसका शिल्प मोरोकन शैली में तय किया गया था.
- लेकिन बाद में इसमें कई ऐसी विशेषताएँ जुडी जिससे आज यह विश्व के कई देशों की खुशबू समेटे हुए दिखता है . “globally unifying”landmark कहे जाने के पीछे यह कारण है कि इसके बनने में सामान/शिल्पकार/निर्माण कराने वाली कम्पनियाँ आदि विश्व के विभिन्न कोनों से आये .
- निर्माणकार्य में ये देश भागीदार बने -भारत,इटली ,मोरोको ,ईरान,तुर्की ,जर्मनी, ग्रीक,चाइना और यू.ऐ.ई..
- ३,००० कारीगर ओर ३८ construction companies निर्माण कार्य में लगे थे.
- इसके डिजाईन में स्वर्ण धातु के अतिरिक्त कीमती पत्थर,संगमरमर ,क्रिस्टल,सिरेमिक आदि का प्रयोग किया गया है.
- कुल क्षेत्रफल ' 22,412 वर्ग मीटर 'को घेरे हुए इस मस्जिद में सफ़ेद संगमरमर के ८२ गुम्बद ,१०७ मीटर ऊँची चार मीनारें ,७,८७४ मीटर वर्ग फीट में बने पानी के कृत्रिम ताल मस्जिद को घेरे हुए दिखाई देते हैं.रात को इस ताल में मस्जिद की परछाईं बेहद मोहक लगती है.
- इटालियन संगमरमर और उनपर बने फ़ूलों के चित्र दीवारों पर हैं.
- मुख्य इबादत स्थल [हॉल] की भीतरी दीवारों पर २४ केरेट सोने की कांच पर [मोजेक] चित्रकारी है.
- इसी हॉल में दुनिया का सबसे बड़ा कालीन बिछा हुआ है जिस पर हम चल कर उसकी कोमलता अपने पाँव में महसूस कर सकते हैं.७,११९ वर्ग मीटर के इस पर्शियन कालीन के बनने में ३० मिलियन दिरहम खर्च हुए.
- मुख्य आकर्षण इसी हॉल में लगे दुनिया का सब से बड़ा झाड फानूस है इसका वजन ८-९ टन है.यह ख़ास जर्मनी से बन कर आया है और इस पर २४ केरेट सोने की परत लगी है तथा हजारों महंगे स्वारोवस्की क्रिस्टल लगे हुए हैं.
- क़िबला दीवार पर अल्लाह के ९९ नाम लिखे हुए हैं जो कूफी केलिग्राफी में लिखे गए हैं.
- कलात्मक सिरेमिक टाईल वाले ८० Iznikpanels को तुर्की के कारीगर ओथमन आगा ने डिजाईन किया है.
- इस मस्जिद में ४०,९६० लोग एक साथ नमाज पढ़ सकते हैं.
Please check the website for further information.
Reference -
-http://www.szgmc.ae/en/theory-and-implementation
http://www.visitabudhabi.ae/en/szm.aspx
http://www.szgmc.ae/en/message-of-the-mosque
Visiting hours -Thursday (30th June): 10am, 11am, 2pm, 5pm and 8pm
Friday (1st July): 2pm, 5pm and 8pm
Saturday (2nd July): 10am, 11am, 2pm, 5pm and 8pm
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[Based on a combination of area and capacity, the following is the ranking of the 6 largest mosques in the world:]
1. Grand Mosque in Mecca2. Prophet's Mosque in Medina 3. King Hassan II Mosque in Casablanca
4. Faisal Mosque in Islamabad5. Badshahi Mosque in Lahore6. Sheikh Zayed Mosque in Abu Dhabi